By Ankit Jaiswal | Jan 20, 2026
इंदौर में खेले गए निर्णायक मुकाबले के बाद भारतीय क्रिकेट हलकों में निराशा साफ नजर आई। घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में भारत को 41 रन से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ ही तीन मैचों की सीरीज़ 1-2 से न्यूजीलैंड के नाम हो गई।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत खास नहीं रही, लेकिन विराट कोहली ने एक छोर संभाले रखा और अपना 85वां अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। हालांकि, दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। नतीजतन, भारतीय टीम 296 रन पर सिमट गई और यह मुकाबला हाथ से निकल गया।
यह हार ऐतिहासिक भी रही, क्योंकि यह पहली बार है जब न्यूजीलैंड ने भारत में कोई वनडे सीरीज़ जीती है। मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने टीम के प्रदर्शन पर निराशा जताते हुए आत्ममंथन की बात कही। उन्होंने कहा कि पहला मैच जीतने के बाद सीरीज़ इस तरह गंवाना निराशाजनक है और कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
गिल ने विराट कोहली की बल्लेबाज़ी की तारीफ करते हुए कहा कि उनका फॉर्म टीम के लिए हमेशा सकारात्मक संकेत रहता है। साथ ही, उन्होंने हर्षित राणा की बल्लेबाज़ी की भी सराहना की, जिन्होंने निचले क्रम में दबाव के बावजूद उपयोगी योगदान दिया। तेज़ गेंदबाज़ों के प्रदर्शन को लेकर भी कप्तान संतुष्ट नजर आए।
2027 वनडे विश्व कप की तैयारी के संदर्भ में गिल ने युवा ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी को मौके देने की रणनीति पर भी बात की। उनके अनुसार, टीम प्रबंधन नितीश को पर्याप्त ओवर और मैच समय देना चाहता है ताकि सही संयोजन और उनकी गेंदबाज़ी-बल्लेबाज़ी की उपयोगिता को परखा जा सके।
इस बीच, सीरीज़ के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए डैरिल मिचेल ने भारत में सीरीज़ जीत को खास बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान पर फोकस रखते हुए साझेदारियां बनाना न्यूजीलैंड की सफलता की सबसे बड़ी वजह रही और टीम के तौर पर यह जीत यादगार है।
यह सीरीज़ भारतीय टीम के लिए चेतावनी की तरह देखी जा रही है, जहां बड़े स्कोर, दबाव में बल्लेबाज़ी और सही संयोजन जैसे मुद्दों पर फिर से काम करने की जरूरत साफ दिखाई दी और यही बातें आने वाले समय में टीम की दिशा तय करेंगी।