भारत का ‘मेक इन इंडिया’ अभियान अमेरिका- भारत व्यापार संबंधों में चुनौती

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 02, 2021

वाशिंगटन। बाइडेन प्रशासन ने अमेरिकी संसद से कहा है कि भारत में हाल में शुरू किया गया ‘मेक इन इंडिया’कार्यक्रम दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में खड़ी होने वाली चुनौतियों का प्रतीक बन गया है। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने अपनी 2021 की व्यापार नीति एजेंडा और 2020 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि 2020 के दौरान अमेरिका ने लगातार भारत के साथ बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिये प्रयास जारी रखा।

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अमेरिका ने यह कदम जीएसपी बाजार पहुंच मानदंड के मामले में भारत के अनुपालन पात्रता को लेकर उठी चिंताओं की समीक्षा के बाद उठाया। जीएसपी के तहत भारत को मिलने वाले व्यापार लाभ निलंबित कर दिये जाने के बाद से ही अमेरिका और भारत 2019 से तार्किक बाजार पहुंच पैकेज पर काम करने में जुटे हुये हैं। वर्ष 2020 में भी यह काम जारी रहा। इस बातचीत में अमेरिका का उद्देश्य भारत में कई तरह की गैर- शुल्कीय बाधाओं को दूर करना, विभिन्न शुल्कों में लक्षित कमी लाना और भारत में अमेरिकी उत्पादों के लिये बाजार पहुंच में सुधार लाना शामिल है।

रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2019 में अमेरिका में आयात की गई सेवाओं में 62.3 अरब डालर के साथ ब्रिटेन लगातार सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना रहा। वहीं भारत 29.7 अरब डालर की सेवाओं के आयात के साथ छठा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना रहा। कनाडा से 38.6 अरब डालर, जापान से 35.8 अरब डालर, जर्मनी से 34.9 अरब डालर और मैक्सिको से 29.8 अरब डालर की सेवाओं का आयात किया गया।

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