By अभिनय आकाश | Jul 28, 2026
भारत और चीन के बीच इस वक्त बैठकों का दौर चल रहा है। जहां से सामने आई तस्वीरें दोनों देशों के रिश्तों में हो रहे सुधार की ओर इशारा करती है। क्योंकि भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिश्री खुद इस वक्त बीजिंग के दौरे पर हैं। जहां पर उन्होंने चीनी अधिकारियों के साथ मैराथॉन बैठकों को अंजाम दिया है। भारतीय विदेश सचिव जिन्हें चीन के मामलों का अच्छा जानकार माना जाता है। वह इस वक्त बीजिंग पहुंचे हुए हैं। जहां पर वह एक खास मिशन के तहत गए हैं। उन्होंने सोमवार 27 जुलाई को चीन की उप विदेश मंत्री हुवा चुनिएंग और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कई गद्दावर नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकों को अंजाम दिया है। इन बैठकों का मकसद सिर्फ मेलजोल को बढ़ाना नहीं था। बल्कि दोनों देशों के बीच बिगड़े हुए संतुलन को वापस पटरी पर लाना था। इस बातचीत का सबसे अहम हिस्सा भारत और चीन की सीमा पर शांति और स्थिरता पर बातचीत करना था।
हाल ही में मनीला में जब विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांगी के बीच बातचीत हुई थी तभी वहां से जो बयान आया था वो यही था कि भारत और चीन आपस में साझेदार हो सकते हैं। और अब विदेश सचिव का यह चीन दौरा उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की एक कड़ी मानी जा रही है। हालांकि सीमा विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर अब भी विवाद पूरी तरीके से खत्म नहीं हुआ है। लेकिन लगातार बढ़ रहे कूटनीतिक संवाद यह संकेत दे रहे हैं कि भारत और चीन के मतभेद बातचीत के जरिए सुलझ जरूर सकते हैं। जहां पर दोनों ही देश लगातार नए रास्तों की तलाश में जुटे हुए हैं जिससे सीमा विवाद को कम किया जा सके और दोनों ही देश एक दूसरे के साथ मिलकर साझेदारी को फिर से पटरी पर ला सके। विदेश सचिव का लगातार ऐसे बड़े मैराथन बैठकों को अंजाम देना और चीन के अंदर बड़े-बड़े कद्दावर नेताओं से मिलना दिखाता है कि भारत भी चीन के साथ अपने संबंधों को ठीक रखना चाहता है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बीजिंग में इन बैठकों का असली अंजाम क्या होगा?