By अभिनय आकाश | Jul 14, 2026
भारत में एक अमेरिकी नागरिक को दबोचा गया है। दावे किए जा रहे हैं कि यह एक अमेरिकी एजेंट हो सकता है। उत्तर प्रदेश के गांव वालों ने इस अमेरिकी व्यक्ति के पैरों में रस्सी बांध दी। दरअसल भारत-नेपाल की सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल ने सोनौली बॉर्डर क्रॉसिंग पर जॉर्डन ब्राउन नाम के इस अमेरिकी नागरिक को दबोचा है। जॉर्डन ब्राउन कथित तौर पर अमेरिकी नौसेना और अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस का सैनिक रह चुका है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बात जॉर्डन ने खुद पुलिस को बताई है। जॉर्डन ब्राउन उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में पड़ने वाली सोनौली सीमा से नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। लेकिन सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने शक होने पर जॉर्डन को पकड़ लिया। जॉर्डन ने वहां से भागने की कोशिश की तो गांव वालों ने इसे दबोच लिया। इसे रस्सी से बांध दिया गया।
आपको याद होगा कि कुछ समय पहले भारत ने म्यांमार जाने की कोशिश करते हुए एक सीआईए एजेंट मैथ्य वेंडाइक को पकड़ा था। मैथ्यू वेंडाइक के साथ भी छह यूक्रेनी एजेंट्स पकड़े गए थे। यानी अमेरिका और यूक्रेन के एजेंट्स भारत के खिलाफ कुछ ना कुछ बड़ा षड्यंत्र करने में लगे हैं। मैथ्यू वेंडाइक को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था। यह भारत के नॉर्थ ईस्ट राज्यों से म्यांमार घुसने की कोशिश कर रहा था। मैथ्यू वेंडाइक से पहले बांग्लादेश में एरविल जैक्सन नाम का एक पूर्व सैनिक मरा मिला। एरविल जैक्सन भी एक पूर्व अमेरिकी सैनिक था, लेकिन बांग्लादेश में एक एजेंट की तरह पहुंचा था। यह बांग्लादेश में बैठकर भारत के खिलाफ षड्यंत्र कर रहा था। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एरवल जैक्सन पीएम मोदी के खिलाफ भी जानकारियां जुटा रहा था। दावों को सच माने तो रूस और भारत की खुफिया एजेंसी ने मिलकर एरविल जैक्सन को अंजाम तक पहुंचा दिया। मैथ्यू वेंडाइक को पकड़ने में भी भारत और रूस की खुफिया एजेंसियों ने शानदार काम किया। यानी भारत के सभी पड़ोसी देशों में अमेरिकी एजेंट्स पकड़े जा रहे हैं। यह सभी अमेरिकी सेना से जुड़े हैं।