Russia से भारत की तेल दोस्ती गहरी, US की पाबंदी के बावजूद Crude Oil आयात 21% बढ़ा

By एकता | Jun 14, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख और दबाव का भारत पर कोई असर नहीं दिख रहा है। अमेरिका की लाख कोशिशों और सख्ती के बावजूद भारत और रूस के व्यापारिक रिश्ते दिन-प्रतिदिन और मजबूत होते जा रहे हैं। अमेरिकी पाबंदियों की परवाह न करते हुए भारत ने रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का आयात किया है। नए आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 में भी भारत दुनिया भर में रूसी ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना रहा।

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कुल आयात में 83% हिस्सेदारी सिर्फ कच्चे तेल की

CREA की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में रूस से भारत आए कुल आयात में कच्चे तेल की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा यानी लगभग 83 प्रतिशत रही, जिसकी कीमत 4.8 अरब यूरो थी। इसके अलावा भारत ने रूस से 55 करोड़ यूरो के अन्य तेल प्रोडक्ट्स और 42.9 करोड़ यूरो के कोयले का भी आयात किया है।

रूसी तेल के आयात में 21% की भारी बढ़ोतरी

रिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल महीने के मुकाबले मई में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में 8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह रूस से होने वाले आयात में आया 21% का भारी उछाल है। गुजरात में स्थित देश के बड़े रिफाइनिंग केंद्रों में रूसी कच्चे तेल की सप्लाई में जबरदस्त तेजी देखी गई। अप्रैल की तुलना में मई में वाडिनार रिफाइनरी में 36% और जामनगर रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स में 14% अधिक रूसी तेल पहुंचा।

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