चुपके से खेल गया भारत! डॉलर पर पुतिन का नया बवाल, ट्रंप रह गए हैरान

By अभिनय आकाश | Feb 15, 2026

दुनिया यूक्रेन यू डीडोलाइजेशन और ब्रिक्स की राजनीति में उलझी रही है और भारत चुपचाप अपना गेम सेट करता रहा है। भारत चुपचाप अपना गेम खेलता रहा है। अब एक बड़ा डेवलपमेंट सामने आया है। रूस का एक कथित इंटरनल मेमो लीक हुआ है जिसमें दावा किया गया है कि युद्ध के बाद रूस दोबारा डॉलर सिस्टम में लौट आया है और वह भी अमेरिका के साथ बड़े एनर्जी सौदे के बदले। दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक रूसी रणनीतिक दस्तावेज में अमेरिका रूस आर्थिक सहयोग की संभावनाओं का जिक्र है। बशर्ते यूक्रेन युद्ध रूस की शर्तों पर खत्म हो। कहा जा रहा है कि रूस ने संकेत दिया है कि वह दोबारा डॉलर सेटलमेंट सिस्टम में लौट सकता है। एनर्जी ट्रेड डॉलर में होगा। अमेरिकी कंपनियों को ऑयल और एलएनजी प्रोडक्ट में एंट्री हो जाएगी। आर्कटिक और साइबेरिया के फील्ड्स खोले जा सकते हैं। यह बात इसलिए बड़ी है क्योंकि साल 2022 के बाद रूस ने डॉलर से दूरी बनाकर युवान और रुपए में व्यापार बढ़ाया था। 

इसे भी पढ़ें: भारत अपना हर फैसला लेने के लिए स्वतंत्र, रूसी तेल खरीद पर अमेरिका को जयशंकर ने अच्छे से सुना दिया

अगर आप दुनिया के टॉप ऑयल प्रोड्यूसर्स देखें तो दो नाम सबसे ऊपर हैं। यूनाइटेड स्टेट्स और रशिया दोनों मिलकर वैश्विक ऊर्जा बाजार का बड़ा प्रभाव रखते हैं। अब अगर यह दोनों देश प्रतिस्पर्धी नहीं बल्कि साझेदार बन गए तो सोचिए असर कितना होगा। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस कह रहा है कि हम सस्ता तेल चीन को देने के बजाय ग्लोबल मार्केट में डॉलर में बेचेंगे। अगर ऐसा हुआ डिस्काउंट रूसी ऑयल खत्म हो जाएगा। चीन को सस्ता एनर्जी एडवांटेज नहीं मिलेगा। डॉलर को नई सास मिल जाएगी। अब सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भारत जब अमेरिका भारत ट्रेड डील की चर्चा चल रही थी तब एक बड़ा मुद्दा था रूसी तेल अमेरिका की तरफ से दबाव की बातें थी लेकिन भारत ने कभी आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा कि वह रूसी तेल बंद करेगा।

इसे भी पढ़ें: ब्रिटिश संसद में पहुंची 2 महिलाएं, फिर वो हुआ जिसने भारत को हिला दिया!

भारत का स्टैंड साफ था कि हम अपने राष्ट्रीय हित में खरीद करेंगे। ऐसे में अगर रूस अब खुद डॉलर सिस्टम में लौटता है और डिस्काउंट खत्म करता है तो भारत ने कोई पॉलिसी नहीं बदली है। यानी भारत ने अपने विकल्प खुले रखे हैं। यही स्ट्रेटजी मैच्योरिटी है। साल 2022 के बाद रूस चीन नजदीकी बढ़ी। चीन को सस्ता रूसी तेल मिला। युवान इंटरनलाइजेशन को बढ़ावा मिला। लेकिन अगर रूस फिर से डॉलर सिस्टम में लौटता है तो चीन का सस्ता एनर्जी मॉडल कमजोर हो जाएगा। युवान की रफ्तार धीमी हो जाएगी। ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग एडवांटेज प्रभावित हो जाएगा। चीन ने ईवी, सोलर और बैटरी सेक्टर में भारी निवेश किया। अगर फॉसिल फ्यूल सस्ता और प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहा तो ग्रीन ट्रांजिशन की रफ्तार धीमी हो सकती है। 

All the updates here:

प्रमुख खबरें

T20 World Cup: पिता बनने के लिए घर लौटे Lockie Ferguson, New Zealand टीम को लगा बड़ा झटका

99% लोग नहीं जानते USB Type-C के ये सीक्रेट फीचर्स

AI के भविष्य की कमान संभालेगा India, New Delhi में जुटेंगे दुनिया के Tech दिग्गज

Delhi Police का बड़ा Action, Kaushal Chaudhary गैंग का शूटर गिरफ्तार, बुराड़ी में कारोबारी की हत्या की साजिश नाकाम