भारत के पीएम मोदी को विश्व मंच पर प्रभावशाली तरीके से अपनी बात रखने के लिए पहचाना जाता है : क्लेवरली

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 22, 2022

न्यूयॉर्क (अमेरिका)। ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व मंच पर प्रभावशाली तरीके से अपनी बात रखने के लिए पहचाना जाता है और रूसी नेतृत्व भी वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति का सम्मान करता है। क्लेवरली ने कहा कि ब्रिटेन उम्मीद करता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उन आवाजों पर गौर करेंगे, जो यूक्रेन युद्ध के बीच शांति की मांग को लेकर उठ रही हैं। क्लेवरली रूस-यूक्रेन युद्ध और प्रधानमंत्री मोदी के रूस के राष्ट्रपति से की गई बातचीत से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

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संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र से इतर क्लेवरली ने बुधवार को कहा, ‘‘यकीनन, हमने यूक्रेन युद्ध में कई जिंदगियां तबाह होते देखी हैं, यूक्रेन के लोगों के साथ-साथ रूस के नागरिकों की भी...जो कि बेहद भयावह है।’’ क्लेवरली ब्रिटने के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि लोगों पर मंडराता खाद्य असुरक्षा और अकाल का खतरा यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गया है। क्लेवरली ने कहा, ‘‘हमने हमेशा ही यह स्पष्ट किया है कि हमारे प्रतिबंध खाद्य वस्तुओं के निर्यात को प्रभावित नहीं करते, वे उर्वरक के निर्यात, अमोनिया के निर्यात को भी प्रभावित नहीं करते। हालांकि, फिर भी दुनिया में जो लोग पहले से ही भूखमरी से परेशान हैं, उनकी स्थिति पुतिन के यूक्रेन पर आक्रमण से बदतर हो गई है।’’ क्लेवरली ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से भारत विश्व मंच पर एक अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण व प्रभावशाली देश है। मुझे लगता है कि दुनिया में जब इतनी उथल-पुथल चल रही है, तब भारत के साथ हमारी घनिष्ठ साझेदारी और कामकाजी संबंध अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण हैं।’’

वैश्विक स्तर पर अशांति, मानवीय व भू-राजनीतिक संकट के बीच विश्व नेताओं के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एकत्रित होने के संदर्भ में क्लेवरली ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अब भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कई क्षेत्रों में बेहद तेजी से बदल रहा है। यह महत्वपूर्ण है कि अंतरराष्ट्रीय संस्थान उन बदलती चुनौतियों व परिस्थितियों का सामना करने के हिसाब से खुद में बदलाव लाएं। संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय मंच हमेशा हमारे संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहेंगे।’’

उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंध भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) सत्र अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक करने का एक ‘बेहतरीन अवसर’ प्रदान करता है। यूएनजीए के सत्र के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे क्लेवरली ने बुधवार देर शाम विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की थी। इससे पहले दिन में क्लेवरली ने कहा था कि वह अपने भारतीय समकक्ष से मिलने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा था, ‘‘जयशंकर हमें अच्छी तरह से जानते हैं। उन्होंने मेरे पूर्ववर्तियों के साथ काम किया है। मैं वैश्विक मुद्दों, क्षेत्रीय मुद्दों और हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर उनके साथ चर्चा करने के लिए उत्साहित हूं।

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