By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 24, 2026
देश में बिजली की अधिकतम मांग बढ़ते तापमान के कारण कूलर और एयर कंडीशनर जैसे शीतलन उपकरणों के अधिक इस्तेमाल के मद्देनजर बृहस्पतिवार को इस मौसम में सर्वाधिक स्तर 240 गीगावाट के पार पहुंच गई। देश में पूरी की गई अधिकतम बिजली मांग (एक दिन में सबसे अधिक आपूर्ति) 23 अप्रैल को 240.12 गीगावाट दर्ज की गई, जो 22 अप्रैल के 239.70 गीगावाट से थोड़ी अधिक है और इस मौसम की सर्वाधिक है।
पिछले वर्ष बिजली की अधिकतम मांग जून में 242.77 गीगावाट दर्ज की गई थी। आंकड़ों के अनुसार, इस महीने के पहले पखवाड़े में अधिकतम बिजली मांग अपेक्षाकृत कम रही और यह पिछले वर्ष अप्रैल के औसत 235.32 गीगावाट से नीचे बनी रही। इस वर्ष 16 अप्रैल को अधिकतम पूरी की गई बिजली मांग 234.81 गीगावाट दर्ज की गई थी जबकि अगले दिन यह बढ़कर 238.94 गीगावाट हो गई।
18 अप्रैल को मांग लगभग इसी स्तर पर 238.80 गीगावाट रही लेकिन 19 अप्रैल को घटकर 225.69 गीगावाट हो गई। इसके बाद 20 अप्रैल को फिर बढ़कर 237.43 गीगावाट पहुंच गई। 21 अप्रैल को यह घटकर 236.73 गीगावाट रह गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि देश में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग और खपत और बढ़ेगी क्योंकि घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं द्वारा एयर कंडीशनर, एयर कूलर तथा अन्य उपकरणों का उपयोग अधिक होगा।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले चार-पांच दिन उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकतर हिस्सों में लू चलने के आसार हैं। पिछली गर्मियों (अप्रैल 2025 के बाद से) के दौरान जून में अधिकतम बिजली मांग 242.77 गीगावाट तक पहुंची थी। हालांकि यह सरकार के 277 गीगावाट के अनुमान से कम थी। विद्युत मंत्रालय ने इस वर्ष गर्मियों के दौरान अधिकतम बिजली मांग के करीब 270 गीगावाट रहने का अनुमान लगाया है।