नहीं बदला तालिबान, महज बदल गए साथी, बिपिन रावत बोले- भारत हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार

By अनुराग गुप्ता | Aug 25, 2021

नयी दिल्ली। अफगानिस्तान के 33 प्रांतों पर तालिबान का राज है। समाचार माध्यमों से सामने आ रही तस्वीरों के जरिये वहां की स्थित पर अंदेशा लगाया जा सकता है। राष्ट्रपति अशरफ गनी अफगानिस्तान छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चले गए हैं। अमेरिका ने अपना दूतावास छोड़ दिया है और अस्थायी रूप से काबुल हवाई अड्डे से अभियान चला रहा है। फिलहाल काबुल हवाई अड्डे पर करीब 6,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं, जो हवाई रास्ते से लोगों को वहां से निकालने का काम देख रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: भारत ने सभी अफगान नागरिकों के लिए ई-वीजा अनिवार्य किया

इसी बीच सीडीएस जनरल बिपिन रावत का बयान सामने आया। 'भारत-अमेरिका साझेदारी: 21वीं सदी की सुरक्षा' कार्यक्रम में सीडीएस बिपिन रावत ने कहा कि हमने तालिबान के शासन का अनुमान लगाया था। अफगानिस्तान के विषय पर उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ है वह कुछ ऐसा था जिसका अनुमान लगाया गया था, केवल समय बदल गया है। भारतीय नजरिए से देखा जाए तो हम तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे का अनुमान लगा रहे थे।

उन्होंने कहा कि हम इस बात से चिंतित थे कि अफगानिस्तान से आतंकवादी गतिविधि भारत में कैसे फैल सकती है। इसलिए इससे निपटने के लिए हमारी आकस्मिक योजनाएं चल रही थी। ऐसे में आप यह कह सकते हैं कि भारत किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधियों से निपटने के लिए तैयार हैं। 

इसे भी पढ़ें: तालिबान की अमेरिका को अंतिम चेतावनी, कहा- 31 अगस्त तक अफगानिस्तान छोड़े सैनिक

तालिबान ने चौंका दिया !

बिपिन रावत ने कहा कि तालिबान ने जिस तेजी से अफगानिस्तान पर कब्जा किया है उसने हमें चौंकाया है। लेकिन भारत हरस्थिति के लिए तैयार है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सीडीएस बिपिन रावत ने कहा कि समाचार रिपोर्ट और वहां से आए प्रवासियों की खबरें हमें बता रही हैं कि तालिबान किस तरह की गतिविधियां कर रहा है। बस इतना हुआ है कि तालिबान ने अपने साथी बदल लिए हैं। अलग-अलग साझेदारों के साथ यह वही तालिबान है।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

AC Buying Guide: Summer में एसी खरीदने का है Plan? 3-Star और 5-Star का कन्फ्यूजन यहां दूर करें

AI Impact Summit में भारत का डंका, PM Modi के विजन पर 88 देशों ने लगाई मुहर

यह एक Missed Opportunity थी, T20 World Cup से बाहर होने पर Australian Captain Marsh ने जताया अफ़सोस

US Trade Deal की घोषणा कराने की क्या थी मजबूरी? Jairam Ramesh ने PM Modi को घेरा