वेंटिलेटर खरीदने में भारत की मदद को तैयार, लेकिन उत्पादन बढ़ाना चुनौती: चीन

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 01, 2020

बीजिंग। चीन ने बुधवार को कहा कि वह कोरोना वायरस रोगियों के उपचार के लिए अति आवश्यक वेंटिलेटरों की खरीद में भारत की मदद को तैयार है लेकिन चीनी कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने में कठिनाई आ रही है क्योंकि उन्हें कलपुर्जे आयात करने की जरूरत होगी। अमेरिका और भारत समेत अनेक देश वेंटिलेटर खरीदने की कोशिश कर रहे हैं जिनकी जरूरत कोरोना वायरस से निपटने के लिए अस्पतालों में रोगियों के लिए बढ़ गई है। चीनी वेंटिलेटर निर्माताओं के अनुसार उनके लिए उत्पादन बढ़ाना आसान नहीं है क्योंकि उन्हें भी कलपुर्जों का आयात करना होगा। यहां सरकारी मीडिया ने भारत द्वारा वेंटिलेटर तथा अन्य चिकित्सा उपकरणों के लिए चीन समेत अनेक देशों में वेंटिलेटर निर्माताओं से संपर्क करने की खबर प्रकाशित की है।

भारत ने जनवरी में कोरोना वायरस का प्रकोप सामने आने के समय शुरुआत में चीन को चिकित्सा उपकरणों के सीमित निर्यातों पर प्रतिबंध में ढील देकर इसके लिए अनुमति दी थी और बाद में भारत ने फरवरी में चीन को 15 टन चिकित्सा सहायता भेजी थी। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने बुधवार को यहां मीडिया से कहा, ‘‘हम यह भी जानते हैं कि भारत के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महामारी को हराने के लिए प्रयासरत हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से इस समय पूरी दुनिया में वेंटिलेटरों की भारी मांग है। चीन भी इस महामारी के दौर में दबाव का सामना कर रहा है।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि एक वेंटिलेटर के लिए विभिन्न क्षेत्रों और देशों से आयातित 1000 से अधिक कलपुर्जे चाहिए होते हैं जिनमें यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्से हैं।’’ चुनयिंग ने कहा, ‘‘इसलिए हमारे लिए इस समय उत्पादन बढ़ा पाना बहुत आसान नहीं है। ऐसा करना बहुत मुश्किल है। लेकिन चीनी कंपनियां इस दिशा में अथक प्रयास कर रही हैं ताकि उनका उत्पादन बढ़ जाए।’’ सरकारी ग्लोबल टाइम्स अखबार ने चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारी शू केमिन के हवाले से कहा कि चीन ने 19 मार्च से दूसरे देशों की मदद के लिए 1700 से अधिक इन्वेसिव वेंटिलेटर मुहैया कराए हैं।

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