By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 22, 2026
(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, 22 अक्टूबर भारत ने संयुक्त राष्ट्र के एक विशेष प्रतिवेदक द्वारा गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के नेतृत्व वाली डी-कंपनी को ‘‘भारत स्थित’’ आपराधिक गिरोह बताए जाने को सख्ती से खारिज किया है और इस संबंधी एक रिपोर्ट में ‘‘स्पष्ट एवं गंभीर तथ्यात्मक गलतियों’’ की ओर ध्यान दिलाते हुए आगाह किया कि इस तरह की अक्षमता से विश्व निकाय को भारी नुकसान पहुंचता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघू पुरी ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में यह कड़ा जवाब दिया। उन्होंने आतंकवाद का मुकाबला करते हुए मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रताओं के संवर्धन एवं संरक्षण पर विशेष प्रतिवेदक बेन सॉल की एक रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए यह कड़ी टिप्पणी की।
पुरी ने कहा, ‘‘इसी संदर्भ में हम अपने देश के संदर्भ में कुछ विशेष रूप से गंभीर तथ्यात्मक गलतियों की ओर ध्यान दिलाना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि सॉल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा परिषद ने 2003 में एक आपराधिक गिरोह के सरगना को अल-कायदा से संबंधों के कारण सूचीबद्ध किया था। रिपोर्ट में इस गिरोह का उल्लेख ‘‘भारत स्थित डी-कंपनी’’ के रूप में किया गया है। पुरी ने कहा, ‘‘अलग से पढ़ने पर यह पंक्ति वास्तविक स्थिति से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है।’’ डी-कंपनी को भारत स्थित गिरोह बताए जाने को सख्ती से खारिज करते हुए पुरी ने कहा कि इस आपराधिक संगठन और इसके सूचीबद्ध सरगना दाऊद इब्राहिम को 1993 से ही आतंकवादी हमलों के सिलसिले में भारत में वांछित घोषित किया गया है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अल-कायदा प्रतिबंध व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘यह बात संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध करने के कारणों के विवरण में स्पष्ट रूप से दर्ज है।’’ पुरी ने कहा, ‘‘इस तथ्य का उल्लेख नहीं करना खेदजनक है। विशेष अधिकार प्राप्त पदाधिकारियों की ओर से इस तरह की अक्षमता से संगठन को भारी नुकसान पहुंचता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं आधिकारिक रिकॉर्ड के लिए इस तथ्य को स्पष्ट करना चाहता हूं। यह व्यक्ति 2003 में सूचीबद्ध किए जाने से काफी पहले भारत छोड़कर भाग गया था।
इसी अवधि में वह हमारे देश से बाहर रहते हुए अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन से संबंधों के कारण सूचीबद्ध किया गया था।’’ पुरी ने पाकिस्तान के स्पष्ट संदर्भ में कहा कि दाऊद इब्राहिम अब भी भारत में वांछित अपराधी है और संयुक्त राष्ट्र की सूची के अनुसार, वह उसी देश में रहता है जहां अल-कायदा के नेता ओसामा बिन लादेन का पता लगाया गया था और जहां उसे मार गिराया गया था। ओसामा बिन लादेन को 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में अमेरिकी नौसेना के सील कमांडो ने एक अभियान के दौरान मार गिराया था।