By एकता | Jan 04, 2026
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर भारत सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर वहां के ताजा हालातों पर 'गहरी चिंता' व्यक्त की है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह वेनेजुएला में तेजी से बदलती स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करता है। हम सभी संबंधित पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाएं ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।'
बढ़ते तनाव को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने शनिवार को ही एक ट्रैवल एडवायजरी जारी की थी। इसमें भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे वेनेजुएला की सभी 'गैर-जरूरी यात्रा' से बचें। जो भारतीय वर्तमान में वहां मौजूद हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतने और अपनी आवाजाही सीमित रखने को कहा गया है।
कराकास स्थित भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लगातार संपर्क में है। आपातकालीन स्थिति के लिए दूतावास ने निम्नलिखित संपर्क सूत्र साझा किए हैं, ईमेल: cons.caracas@mea.gov.in और हेल्पलाइन नंबर: +58-412-9584288।
यह कूटनीतिक हलचल तब शुरू हुई जब शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने काराकास में एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाया। 'नारको-टेरेरिज्म' पर कार्रवाई के नाम पर किए गए इस हमले में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर ले जाया गया है। ट्रंप ने एलान किया है कि सत्ता के सुरक्षित हस्तांतरण तक वेनेजुएला का प्रशासन अमेरिका के नियंत्रण में रहेगा। भारत के लिए वेनेजुएला सामरिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, इसलिए नई दिल्ली के इस बयान को वैश्विक राजनीति में अहम माना जा रहा है।