US-Venezuela Conflict । मादुरो की गिरफ्तारी और कराकास पर हमला, Trump के एक्शन के पीछे की 3 बड़ी वजहें

डोनाल्ड ट्रंप ने निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को नारको-टेररिज्म के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है, जबकि वेनेजुएला ने इसे अपने तेल संसाधनों पर कब्जे की अमेरिकी साजिश करार दिया है। कराकास पर हुए इस हमले ने दोनों देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, जिसके वैश्विक राजनीति पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
शनिवार की सुबह (स्थानीय समयानुसार) वेनेजुएला की राजधानी कराकास के लिए एक भयानक सपना साबित हुई। पूरा शहर तेज धमाकों और आसमान में नीची उड़ान भरते लड़ाकू विमानों की गूंज से दहल उठा। इससे पहले कि दुनिया इस हलचल का मतलब समझ पाती, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज दावा कर सबको चौंका दिया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में एक 'बड़ा हमला' किया है और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ गिरफ्तार कर देश से बाहर ले जाया गया है।
क्या हुआ?
इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। चश्मदीदों के मुताबिक, कराकास में सैन्य ठिकानों के आसपास की बिजली काट दी गई थी और आसमान में धुएं के गुबार साफ देखे जा सकते थे।
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डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने बताया कि यह अमेरिकी सेना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का एक साझा मिशन था। उन्होंने इस ऑपरेशन की सफलता के लिए सैनिकों की तारीफ की और कहा कि इसकी पूरी जानकारी जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जाएगी।
अमेरिका ने हमला क्यों किया?
ट्रंप प्रशासन ने इस हमले के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं।
नारको-टेररिज्म (ड्रग तस्करी): ट्रंप का आरोप है कि मादुरो खुद एक ड्रग कार्टेल चलाते हैं और अमेरिका में कोकीन और फेंटानिल जैसी नशीली दवाएं भेजने के लिए जिम्मेदार हैं।
प्रवासन: ट्रंप ने बिना सबूत दावा किया कि मादुरो अपनी जेलों और पागलखानों को खाली कर अपराधियों को जबरन अमेरिका भेज रहे हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा: अमेरिका का मानना है कि मादुरो सरकार क्षेत्र की शांति के लिए खतरा है।
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कराकास का पक्ष
दूसरी ओर, वेनेजुएला की सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। कराकास का कहना है कि अमेरिका असल में उनके विशाल तेल संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है और 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' को सिर्फ एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। सरकार ने इसे देश की संप्रभुता पर सीधा हमला बताते हुए अपने समर्थकों से एकजुट होने की अपील की है। इलाके में पहले से ही अमेरिकी युद्धपोत USS गेराल्ड आर फोर्ड की मौजूदगी ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया था।
आगे क्या?
फिलहाल वेनेजुएला में स्थिति बेहद अनिश्चित बनी हुई है। पूरी दुनिया इस बात को लेकर चिंतित है कि क्या अमेरिका का यह कदम वहां लोकतंत्र की बहाली करेगा या फिर यह दक्षिण अमेरिका में एक लंबे और खूनी संघर्ष की शुरुआत है। आने वाले कुछ दिन वेनेजुएला और वैश्विक राजनीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं।
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