By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 08, 2026
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, आठ अक्टूबर भारत समेत 14 देशों ने बाजार को प्रभावित करने वाले अत्यधिक औद्योगिक उत्पादन पर अंकुश लगाने के लिए समन्वित वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया है। इन देशों ने कहा कि अतिरिक्त उत्पादन से घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचता है और आपूर्ति तथा मांग के बीच असंतुलन पैदा होता है। इन देशों ने बुधवार को वाशिंगटन में आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) की व्यापार समिति की बैठक से इतर हुई बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।
बयान पर अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मेक्सिको, पोलैंड, तुर्किये, ब्रिटेन और अमेरिका के व्यापार मंत्रियों ने हस्ताक्षर किए। जी20 के सदस्य चीन, ब्राजील, इंडोनेशिया, रूस, सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका ने संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए। मिलवॉकी में हुई जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में जबरन श्रम और अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता से जुड़े मुद्दों पर आम सहमति नहीं बन सकी थी।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका की जी20 अध्यक्षता के दौरान कई अर्थव्यवस्थाओं ने उन देशों में संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन के मामले उठाए, जहां उत्पादन लगातार वैश्विक मांग से अधिक रहा और विदेशी सरकारों की गैर-बाजार नीतियों एवं प्रक्रियाओं से उसे बनाए रखा गया। उन्होंने कहा कि यदि इन मुद्दों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो ये घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचाते रहेंगे, स्थानीय उत्पादन को विस्थापित करेंगे और श्रमिकों तथा उनके परिवारों के जीवन स्तर को बढ़ाने की क्षमता में बाधा डालेंगे। ग्रीर ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ऐसी नीतियों और प्रक्रियाओं से उत्पन्न विकृतियों से अपने घरेलू उद्योगों, श्रमिकों और अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए व्यापारिक साझेदारों के साथ बातचीत जारी रखेगा।