By रेनू तिवारी | Jul 14, 2026
भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। दोनों देशों के बीच हुआ महत्वाकांक्षी वृहद आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) कल यानी 15 जुलाई, 2026 से आधिकारिक तौर पर प्रभावी हो जाएगा। कई दौर की लंबी और जटिल वार्ताओं के बाद, पिछले साल 25 जुलाई, 2025 को दोनों देशों ने इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के कार्यकाल में लागू होने वाला यह छठा मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है। इससे पहले भारत मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) और ओमान के साथ ऐसे ऐतिहासिक समझौते सफलतापूर्वक लागू कर चुका है।
वहीं, ब्रिटेन से आयात होने वाले सेल्मन मछली, लैम्ब (भेड़ का मांस), मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, चॉकलेट, शीतल पेय, कॉस्मेटिक्स, साबुन, परफ्यूम, शेविंग क्रीम और नेल पॉलिश जैसे कई उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते हो सकते हैं। भारत, ब्रिटेन से आयात होने वाले चांदी पर लगने वाले शुल्क को अगले 10 साल में चरणबद्ध तरीके से शून्य कर देगा। ब्रिटेन से भारत आने वाले प्रमुख आयातित उत्पादों में चांदी भी शामिल है। एफटीए में भारत ने ब्रिटेन में बनी पूरी तरह तैयार कारों और ट्रक पर आयात शुल्क में बड़ी कमी करने पर सहमति जताई है।
यह शुल्क 110 प्रतिशत से धीरे-धीरे घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया जाएगा। किसी भी एफटीए में यह पहली बार हुआ है जब भारत ने वाहन के क्षेत्र में इस तरह का निर्णय लिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और ब्रिटेन के बीच कुल व्यापार 8.62 प्रतिशत बढ़कर 25.12 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 23.13 अरब डॉलर था। हालांकि, इसी अवधि में भारत का ब्रिटेन को निर्यात 7.6 प्रतिशत घटकर 13.44 अरब डॉलर रह गया। वहीं, ब्रिटेन से भारत का आयात 36.11 प्रतिशत बढ़कर 11.68 अरब डॉलर हो गया।