भारत-अमेरिका ऊर्जा और रक्षा साझेदारी में नया अध्याय: विदेश सचिव विक्रम मिसरी की सफल वाशिंगटन यात्रा

By रेनू तिवारी | Apr 11, 2026

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी की तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा ने दोनों देशों के बीच सामरिक और ऊर्जा संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान की है। इस यात्रा के दौरान परमाणु ऊर्जा, रक्षा सहयोग और व्यापार के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों और भविष्य की योजनाओं पर मुहर लगी है। अमेरिका में भारतीय दूतावास ने बताया कि अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा के समापन पर मिसरी और राइट के बीच हुई बातचीत में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को गहरा करने और भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी को सुदृढ़ करने के नए अवसरों की पहचान पर जोर दिया गया।

दूतावास ने कहा, ‘‘विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट से मुलाकात की। चर्चा का केंद्र ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को गहरा करना और भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी को आगे बढ़ाने के नए रास्ते तलाशना रहा।’’ बैठक में मौजूद भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका, असैन्य परमाणु सहयोग के साथ-साथ कोयला गैसीकरण और अमेरिकी एलपीजी निर्यात जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग के लिए तैयार है।

 

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री राइट और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ अमेरिका-भारत ऊर्जा सहयोग के भविष्य पर चर्चा करना अच्छा रहा। भारत द्वारा शांति विधेयक पारित किए जाने के बाद हम असैन्य परमाणु क्षेत्र के साथ-साथ कोयला गैसीकरण और अमेरिकी एलपीजी निर्यात जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए तैयार हैं।’’ ‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी एक्ट’ (शांति अधिनियम) को भारत के असैन्य परमाणु क्षेत्र में सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है।

 

यह कानून पिछले दिसंबर से लागू हुआ, जिसने इस क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोल दिया है। इसके साथ ही 1962 का परमाणु ऊर्जा अधिनियम और 2010 का परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम निरस्त कर दिए गए। मिसरी मंगलवार देर रात तीन दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने रक्षा, वाणिज्य और विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। मिसरी ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की। इसी दौरान भारतीय वायु सेना प्रमुख ए पी सिंह भी अमेरिकी यात्रा पर थे और वह बुधवार को कोलोराडो स्प्रिंग्स स्थित पीटरसन स्पेस फोर्स बेस गए।

 

भारतीय वायु सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उन्होंने ग्रेगरी एम गिलोट (अमेरिकी उत्तरी कमान के कमांडर) के साथ अभियान संबंधी जटिल पहलुओं पर सार्थक विचार-विमर्श किया, जो बढ़ती साझेदारी की मजबूती को दर्शाता है।’’ अलग-अलग बैठकों में गोर ने अमेरिकी उप रक्षा मंत्री स्टीव फाइनबर्ग और सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल के साथ भी चर्चा की

 

उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका और भारत के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है तथा यह दोनों देशों को अधिक सुरक्षित और मजबूत बना रहा है। हमने उप रक्षा मंत्री फाइनबर्ग के साथ रक्षा उपकरणों की बिक्री और आपसी सामंजस्य बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।’’ अमेरिकी दूत ने कहा कि उन्होंने जनवरी में नयी दिल्ली यात्रा के बाद से अमेरिका-भारत संबंधों की गति पर डैन ड्रिस्कॉल के साथ चर्चा की।

 

उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्रालय में वैश्विक सार्वजनिक मामलों के सहायक मंत्री डिलन जॉनसन और विदेश विभाग के सलाहकार माइकल नीडहम से भी मुलाकात की। गोर ने कहा, ‘‘वाशिंगटन डीसी की यात्रा को अपने मित्रों डिलन जॉनसन और माइकल नीडहम से मिले बिना समाप्त नहीं कर सकता था। दोनों अमेरिका को अधिक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी जल्द ही भारत यात्रा की प्रतीक्षा है।

प्रमुख खबरें

Parliament में PM Modi और Rahul Gandhi की गर्मजोशी, Viral Video में कैद हुआ दुर्लभ पल

Ranveer Singh ने अचानक नागपुर पहुँच कर RSS Office में Mohan Bhagwat से की मुलाकात, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

Shilpa Rao Birthday: अपनी जादुई आवाज़ से दिलों पर राज करती हैं Singer Shilpa Rao, 42वें Birthday पर सुनें उनके हिट Songs

Prabhasakshi NewsRoom: Shrikant Purohit को मिला प्रमोशन, कर्नल से बने ब्रिगेडियर, साजिशकर्ताओं को लगा बड़ा झटका