Gulf of Oman में भारतीयों की मौत पर भड़का India, Modi और Jaishankar का गुस्सा देखकर Trump व Marco Rubio सकते में

By नीरज कुमार दुबे | Jun 13, 2026

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने जिस तीखे तेवर में अमेरिका को घेरा है, उसने दोनों देशों के रिश्तों में नई बेचैनी पैदा कर दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से सीधे बातचीत कर साफ शब्दों में कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की घातक सैन्य कार्रवाई किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराई जा सकती।

इसे भी पढ़ें: टूट गया भारत के सब्र का बांध, आधी रात फोन घुमाकर जयशंकर ने अमेरिका को डांटा

घटना की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि भारत ने लगातार दूसरी बार दिल्ली में अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय तलब किया। सामान्यतया भारत विदेशी राजनयिकों को बुलाने के लिए "तलब" जैसे सख्त शब्दों से बचता है, लेकिन इस बार विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में साफ तौर पर कहा कि अमेरिकी नौसैनिक बलों द्वारा भारतीय नाविकों को ले जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हमले अस्वीकार्य हैं और इन हमलों में तीन भारतीयों की "दुखद और टाली जा सकने वाली" मौत हुई है।

दरअसल बुधवार को अमेरिकी बलों ने एमटी सेत्तेबेल्लो नामक जहाज पर हमला किया था। जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से 21 को बचा लिया गया, लेकिन तीन भारतीय लापता हो गए थे, जिनकी बाद में मौत की पुष्टि हुई। इसके अगले ही दिन अमेरिकी बलों ने ओमान तट के पास गिनी बिसाऊ ध्वज वाले टैंकर एमटी जलवीर के इंजन कक्ष पर हेलफायर मिसाइलें दाग दीं। जहाज पर मौजूद सभी 20 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन लगातार दो दिनों में भारतीयों को निशाना बनाने वाली इन घटनाओं ने नई दिल्ली को झकझोर दिया।

विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को साफ चेतावनी दी कि नागरिक जहाजों के खिलाफ घातक सैन्य बल का इस्तेमाल समुद्री व्यापार की सुरक्षा, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर करता है। भारत ने यह भी मांग की है कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बल भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाएं ताकि किसी निर्दोष नागरिक की जान न जाए।

इसी बीच इस पूरे विवाद ने तब और नया मोड़ ले लिया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होरमुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारतीय जहाजों पर हुआ ड्रोन हमला "पूरी तरह अस्वीकार्य" है। हालांकि ईरान ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए इसे "बेबुनियाद" बताया। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिका तीन भारतीय जहाजों पर हमले और तीन निर्दोष भारतीय नाविकों की मौत से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। ईरान ने आरोप लगाया कि एक सप्ताह के भीतर अमेरिकी बलों ने भारतीय जहाजों को निशाना बनाया, जबकि अब दोष मढ़ने की कोशिश तेहरान पर की जा रही है। हम आपको बता दें कि ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब माना जा रहा है कि फ्रांस में आयोजित हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हो सकती है।

देखा जाये तो यह पूरा संकट उस भीषण युद्ध की देन है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद हुई। इसके बाद होरमुज जलडमरूमध्य के आसपास पैदा हुई नाकेबंदी और सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की समुद्री व्यवस्था को संकट में डाल दिया है। भारतीय नाविक, जो वैश्विक समुद्री व्यापार की रीढ़ माने जाते हैं, अब इस संघर्ष के सीधे शिकार बनते जा रहे हैं।

अब तक इस युद्ध में कम से कम 13 भारतीयों की मौत हो चुकी है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता बताया जा रहा है। यह आंकड़ा केवल संख्या नहीं, बल्कि उन परिवारों की त्रासदी है जिनकी रोजी रोटी समुद्र से जुड़ी थी और जो अचानक युद्ध की आग में झोंक दिए गए।

होरमुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति की सबसे अहम धमनियों में गिना जाता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। कतर, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे देश इस मार्ग पर अत्यधिक निर्भर हैं। यहां बढ़ते तनाव और समुद्री अवरोध ने तेल और गैस की कीमतों में उछाल ला दिया है। भारत समेत कई देशों के लिए रसोई गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

भारत के सामने अब दोहरी चुनौती खड़ी है। एक तरफ उसे अपने नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, दूसरी तरफ अमेरिका जैसे रणनीतिक साझेदार के साथ संबंधों को भी संतुलित रखना है। लेकिन तीन भारतीयों की मौत के बाद नई दिल्ली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय हित और नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं करेगी।

देखा जाये तो पश्चिम एशिया की यह जंग अब केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रह गई। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार के साथ साथ भारत की विदेश नीति पर भी गहराई से दिखाई देने लगा है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि अमेरिका भारत की कड़ी आपत्तियों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या समुद्र में बेगुनाह नागरिकों की जान बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।

प्रमुख खबरें

Asian Games: 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक

भारतीय तैराक Srihari Nataraj ने 50m बैकस्ट्रोक फाइनल में बनाई जगह

UP Assembly Election 2027: BJP को रोकने के लिए AIMIM चीफ Owaisi ने विपक्षी दलों से मांगा साथ

Kerala University में राजनीतिक गतिविधियों पर रोक का ड्राफ्ट नियम, कर्मचारी यूनियन ने जताया विरोध