गरीबी और भुखमरी झेल रहे अफगानिस्तान की गेहूं भेजकर मदद करना चाहता है भारत, पाकिस्तान अटका रहा रोड़ा

By अभिनय आकाश | Nov 03, 2021

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद देश में भुखमरी और बेरोजगारी की समस्या एक  बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। अफगानिस्तान गंभीर खाद्य संकट के दौर से गुजर रहा है। लोग भुखमरी का शिकार हो रहे हैं। दिन पर दिन आर्थिक और मानवीय त्रासदी गहराती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों में करीब 22 मिलियन लोग भूखमरी का सामना करेंगे।आने वाली सर्दियों के मौसम में अफगानिस्तान को गंभीर खाद्य संकट का सामना करना पड़ सकता है। पैसों की कमी के कारण लोग दो वक्त का खाना भी नहीं जुटा पा रहे हैं। भुखमरी से बचने के लिए लोग अपने घरों का सामान तक बेच रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार काबुल के एक पार्क चमन-ए-हूजुरी की तरफ पर कालीन, फ्रिज, टेलीविजन, सोफा समेत घर के कई सामने रखे नजर आए। लोग अपने परिवार के लिए राशन-पानी का इंतजाम करने के लिए अपने-अपने घरों से सामान लेकर उसे बेचने के लिए सड़कों पर बैठे हैं। हालांकि इनकों खरीदार ही नहीं मिल रहे हैं।

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खाद्य सुरक्षा को लेकर चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम ने चेताया है कि नवंबर से अफगानिस्तान की आधी आबादी या 2.28 करोड़ लोग खाद्य असुरक्षा का सामना करेंगे। WFP की इस चेतावनी के कोविड-19 सूखा और संघर्ष जैसे कई कारण शामिल हैं, जिन्होंने बड़े स्तर पर देश में खाद्य व्यवस्था को प्रभावित किया है। विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक डेविड बेस्ली ने एक बयान में कहा कि अफगानिस्तान में अब दुनिया के सबसे खराब मानवीय संकटों का खतरा है। देश में खाद्य सुरक्षा पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। 

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