मोदी के सामने जो हुआ उसे कभी नहीं भूलेगा भारत, बड़ा खेल शुरू !

By अभिनय आकाश | May 26, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने खड़े व्यक्ति पीएम मोदी की सबसे बड़ी ताकत है। पीएम मोदी अगर इन्हें नहीं बुलाते तो देश को इनके बारे में जानकारी ही नहीं मिलती। आपने कई रसूखदार लोगों को अकड़ में कहते सुना होगा कि सरकार उनकी है लेकिन सिस्टम हमारा है। अब पीएम मोदी ने उसी सिस्टम पर स्ट्राइक कर दी है। पीएम मोदी के घर के बेहद नजदीक एक क्लब है जिसे जिम खाना क्लब कहा जाता है। इसके बारे में आप पिछले कुछ दिनों से सुन रहे होंगे। पीएम मोदी के आवास के बेहद नजदीक जिस जमीन पर यह जिमखाना क्लब बना है, उस जमीन को खाली करने का आदेश इस क्लब को दे दिया गया है। यह क्लब पीएम आवास से इतना नजदीक है कि सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। प्रधानमंत्री का घर 11 एकड़ में बना हुआ है। जबकि बगल में बना जिमखाना क्लब 27 एकड़ में बना है। 

इसे भी पढ़ें: भारत के बाद अफगानिस्तान को पुतिन का खास तोहफा, गदगद हुआ तालिबान!

यह हैं कर्नाटक के 75 वर्षीय पूर्व बस कंडक्टर अंके गड़ा। भारत के सबसे बड़े मुफ्त पुस्तकालयों में से एक पुस्तक माने की स्थापना की है। जिसके लिए इन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 20 साल की उम्र में बस कंडक्टर के रूप में काम करते हुए अंक गड़ा ने अपनी कमाई से किताबें खरीदनी शुरू कर दी। जिसके बाद एक विशाल पुस्तकालय की नींव पड़नी शुरू हो गई। अंक गड़ा ने जिंदगी भर अपनी आय का लगभग 80% हिस्सा पुस्तकों के संग्रह में लगाया। अंक के गड़ा ने 20 लाख से भी ज्यादा पुस्तकों वाला विशाल निशुल्क सार्वजनिक पुस्तकालय स्थापित कर दिया। इन्होंने अपनी जीवन भर की कमाई से जो किताबें जुटाई उन्हें मुफ्त में पढ़ने के लिए लोगों को दे दिया। अंक गड़ा का समर्पण इतना प्रबल था कि उन्होंने अपनी किताबों के कलेक्शन को बढ़ाने के लिए मैसूर स्थित अपना घर तक बेच दिया।

प्रमुख खबरें

चलती स्लीपर बस में नाबालिग से दरिंदगी: दिल्ली पुलिस ने दाखिल की 398 पन्नों की चार्जशीट, 51 गवाह और DNA रिपोर्ट शामिल

Asian Games: भारतीय मुक्केबाज Priya Ghanghas सेमीफाइनल में हारीं, मुक्केबाजी में जीता कांस्य पदक

Rajya Sabha Elections: समाजवादी पार्टी ने राम गोपाल यादव और धनराज नाथवानी को बनाया उम्मीदवार, अखिलेश यादव की मौजूदगी में दाखिल करेंगे नामांकन

कर्नाटक में MSP पर खरीदे जाएंगे 1.67 लाख टन से अधिक तिलहन और दालें, केंद्र ने दी मंजूरी