By Ankit Jaiswal | Sep 25, 2026
भारतीय टीम ने फाइनल की शुरुआत घुटने के बल निशाना लगाने वाली दोनों सीरीज में कुल 587 अंक के साथ की थी। इसके बाद लेटकर निशाना लगाने वाली दोनों सीरीज में भारतीय निशानेबाजों ने 593 अंक जोड़े। इससे टीम का कुल स्कोर 1180 अंक तक पहुंच गया था। अंतिम चरण में खड़े होकर निशाना लगाने वाली सीरीज में भारत ने 582 अंक हासिल किए।
टीम स्पर्धा में भारतीय तिकड़ी ने तीनों चरणों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। चीन की टीम ने आखिरी दौर में भारत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए मामूली अंतर से बढ़त बनाई और स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारत और चीन के बीच सिर्फ 4 अंकों का अंतर रहा है, जबकि दोनों टीमों के निशानेबाजों के बीच मुकाबला काफी करीब रहा है।
गौरतलब है कि भारतीय निशानेबाजी दल के लिए दिन की शुरुआत मिश्रित टीम की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक के साथ हुई थी। सुरची फोगाट और कमलजीत की जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय जोड़ी ने एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया है।
सुरची और कमलजीत ने फाइनल के दौरान लगातार सटीक निशाना लगाया और दबाव के बीच अपना प्रदर्शन बनाए रखा है। उनकी 484.6 अंक की स्कोरिंग ने दक्षिण कोरिया की जोड़ी को पीछे छोड़ते हुए भारत को पहला स्थान दिलाया है।
बता दें कि भारतीय निशानेबाजी दल के लिए 10 मीटर एयर पिस्टल की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पदक नहीं आने के बाद इस प्रदर्शन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुरुषों और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत पदक हासिल नहीं कर सका था। इसके बाद राइफल टीम ने रजत पदक जीतकर पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत की है।
50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा में निशानेबाजों को घुटने के बल, लेटकर और खड़े होकर निशाना लगाना होता है। तीनों स्थितियों में लगातार सटीकता बनाए रखना इस स्पर्धा की बड़ी चुनौती होती है। भारतीय टीम ने तीनों चरणों में संतुलित प्रदर्शन किया है। अब ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और नीरज कुमार के व्यक्तिगत फाइनल में प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।