By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 19, 2026
भारतीय महिला टीम ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (55 रन, 25 गेंद) और कप्तान स्मृति मंधाना (नाबाद 47 रन, 25 गेंद) की पारियों से रविवार को यहां दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को 8.5 ओवर में नौ विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। शेफाली और मंधाना ने पहले विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी से भारतीय टीम ने 67 गेंद रहते आसानी से 103 रन के लक्ष्य का पीछा कर लिया। इस तरह मंधाना ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली श्रृंखला में जीत से शुरूआत की।
मंधाना ने भी आक्रामक अंदाज बल्लेबाजी करते हुए तेज गेंदबाज नयाशा ग्वानजुरा की लगातार चार गेंदों पर चौके जड़े। उन्होंने ओलिंडर चारे की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर मैच समाप्त किया। इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की कम अनुभवी टीम को आठ विकेट पर 102 रन के स्कोर पर रोक दिया।
जिम्बाब्वे के लिए चिपो टिरिपानो 34 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं। कप्तान जोसफिने एनकोमो ने नाबाद 27 रन का योगदान दिया। बाकी की खिलाड़ी दोहरे अंक तक भी नहीं पहुंच सकीं।
भारत के लिए निकी प्रसाद ने सात रन देकर दो जबकि क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक एक विकेट झटका। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद जिम्बाब्वे की टीम पूरे समय अपनी पारी को गति देने के लिए संघर्ष करती रही। तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने सलामी बल्लेबाज केलिस नधलोवु को 11 गेंद में बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया जिससे अफ्रीकी टीम की शुरुआत खराब रही।
जिम्बाब्वे पावरप्ले में एक विकेट गंवाकर केवल 20 रन बना सकी। इस दौरान टीम ने सिर्फ एक चौका लगाया जो पावरप्ले की आखिरी गेंद पर आया। फिर बिलव्ड बिजा भी आउट हो गईं।
इसके बाद कप्तान जोसफिने और चिपो टिरिपानो ने चौथे विकेट के लिए 45 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की। इस दौरा चिपो टिरिपानो को 20 और 22 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला। उन्होंने भारत की प्रमुख बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी के खिलाफ लगातार दो रिवर्स स्वीप चौके भी लगाए।
इस साझेदारी के दौरान जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने सात चौके लगाए और सातवें से 15वें ओवर के बीच 56 रन जोड़े। हालांकि ऑफ स्पिनर निकी ने चिपो टिरिपानो को ऋचा घोष के हाथों कैच कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। निकी ने नयाशा ग्वानजुरा को पगबाधा आउट किया।
वह हैट्रिक की कोशिश में थीं, लेकिन यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सकीं। हालांकि, तब तक भारत मैच पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर चुका था।