भारत एएफसी महिला एशियाई कप में चीनी ताइपे के खिलाफ 'करो या मरो' के मुकाबले के लिए तैयार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 09, 2026

भारतीय महिला फुटबॉल टीम एएफसी महिला एशियाई कप में मंगलवार को यहां खेले जाने वाले ग्रुप-सी के अपने आखिरी मुकाबले में चीनी ताइपे के खिलाफ मैदान में उतरेगी तो टूर्नामेंट में बने रहने के लिए उसे हर हाल में जीत दर्ज करना होगा। भारत फिलहाल दो मैचों में शून्य अंक के साथ ग्रुप में चौथे और आखिरी स्थान पर है। टीम को पहले मैच में वियतनाम से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि दूसरे मैच में जापान ने उसे 11-0 से हराया था।

टूर्नामेंट के तीनों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें और तीसरे स्थान पर रहने वाली दो सर्वश्रेष्ठ टीमें अंतिम आठ में जगह बनाएंगी। भारत की मुख्य कोच अमेलिया वाल्वेर्दे ने कहा कि टीम को पिछले दो मैचों के नतीजों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “वियतनाम और जापान के खिलाफ दोनों मैच एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे। सबसे पहले हमें जो हुआ उसे जल्दी से पीछे छोड़ना होगा। हमें इस मैच के लिए अच्छी तैयारी करनी है और इसमें कोई संदेह नहीं है।”

भारतीय कोच ने कहा, ‘‘हमें इस मैच के महत्व का पूरा एहसास है। हम पिछले मुकाबले को पीछे छोड़ चुके हैं और अब हमारे सामने यह मौका है, जिसे हमें पूरी गंभीरता के साथ लेना होगा।’’ भारत की मिडफील्डर शिल्की देवी हेमाम ने भी कहा कि टीम पिछले मैच से सबक सीखा कर अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने पिछले मैच से काफी कुछ सीखा है और मुझे लगता है कि चीनी ताइपे के खिलाफ यह मैच हमारे लिए खास होगा। यह हमारे लिए एक बड़ा मौका है और हमें इसका पूरा फायदा उठाना होगा।’’ चीनी ताइपे के लिए स्थिति अपेक्षाकृत आसान है। नॉकआउट चरण में पहुंचने के लिए उनके लिए ड्रॉ भी पर्याप्त होगा। मुख्य कोच प्रसोबचोक चोकेमोर अपनी टीम को जीत के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले मैच में वापसी के बाद टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन मुझे यह सुनिश्चित करना होगा कि वे जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वासी न हो जाएं।

प्रमुख खबरें

Election Commission के बयान से Rahul Gandhi के झूठ की पोल खुली: BJP

Jyothi Yarraji और Praveen Chithravel की चोट पर AFI मांगेगा निजी संस्थानों से जवाब

Maharashtra के 265 तालुके सूखा प्रभावित घोषित, किसानों के लिए राहत उपायों का ऐलान

Asian Games में Sawan Barwal ने मैराथन में 44 साल बाद जीता रजत पदक