By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 26, 2022
वाशिंगटन, प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने यूक्रेन पर रूस के हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर मतदान में भाग न लेने के भारत के फैसले पर नाखुशी जतायी और कहा कि चीन की मौजूदा विस्तारवादी योजनाओं के खिलाफ नयी दिल्ली के साथ अमेरिका खड़ा रहेगा न कि रूस। भारत, चीन और संयुक्त अरब अमीरात रूसी हमले के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित प्रस्ताव पर मतदान से शुक्रवार को दूर रहे जबकि रूस ने इस पर वीटो किया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में एक वोट पड़ा। अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन और फ्रांस परिषद के स्थायी सदस्य हैं और उनके पास वीटो का अधिकार है।
खन्ना के विचारों से सहमति जताते हुए कांग्रेस सदस्य एरिक स्वालवेन ने भी भारत के कदम को ‘‘निराशाजनक’’ बताया। उन्होंने कहा, रो खन्ना और मैं सबसे बड़े भारतीय-अमेरिका जिलों का प्रतिनिधित्व करते हैं और हमने अपने लोगों से जो सुना है, यह वोट उसके विपरीत है। भारतीय-अमेरिकी क्षेत्रीय अखंडता और मानवाधिकारों में यकीन रखते हैं।