By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 06, 2020
वाशिंगटन। अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक भारतीय-अमेरिकी महिला को घरेलू सहायकों से न्यूनतम वेतन में 18 घंटे काम कराने, उन्हें डराने, धमकाने और पीटने के मामले में 15 साल की सजा दी गई है। शर्मिष्ठा बरई और उनके पति सतीश करतन को जबरन श्रम कराने की साजिश रचने का दोषी पाया गया है। करतन को 22 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। सहायक अटॉर्नी जनरल एरिक ड्रिबैंड ने कहा, ‘‘अमेरिका ने 150 साल पहले दासता और अनैच्छिक दासता को समाप्त कर दिया था। फिर भी, अमानवीय श्रम कराया जा रहा है और लोगों को स्वतंत्रता से वंचित किया जा रहा है क्योंकि आधुनिक समय में मानव तस्कर दास मालिक हैं जो मुनाफा और अन्य घृणित उद्देश्यों के लिए अपने साथी मनुष्यों का शोषण करने की कोशिश करते हैं।’’