By रेनू तिवारी | Oct 12, 2026
पुंछ ज़िले में लाइन ऑफ़ कंट्रोल (LoC) के पास घुसपैठ की कोशिश करते समय कम से कम चार आतंकवादी लैंडमाइन धमाके में मारे गए। सुबह लगभग 4:30 बजे, आतंकवादियों ने पाकिस्तानी तरफ़ से लाइन ऑफ़ कंट्रोल (LoC) पार करके भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश की। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि आतंकवादी भारतीय सीमा के पास IED लगाने की कोशिश कर रहे थे। इस कोशिश के दौरान, वे भारतीय सेना के घुसपैठ-रोधी घेरे (एंटी-इनफिल्ट्रेशन ग्रिड) की चपेट में आ गए, जिससे चार आतंकवादियों की मौत हो गई।बताया जा रहा है कि यह घटना हाजीरा सेक्टर के बदरपुर इलाके में हुई। जानकारी के अनुसार, इस इलाके में पाकिस्तान सेना की 66 फ्रंटियर फोर्स तैनात है, जो पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) का हिस्सा है। आतंकवादी पाकिस्तान सेना की मदद या उनकी आड़ में IED लगाने की कोशिश कर रहे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह लगभग 4:30 बजे घटी जब आतंकवादियों के एक समूह ने पाकिस्तानी तरफ से नियंत्रण रेखा (LoC) पार करके भारतीय इलाके में प्रवेश करने की कोशिश की।
IED लगाने की साजिश: शुरुआती रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि ये आतंकवादी भारतीय सीमा के बिल्कुल पास इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) लगाने की फिराक में थे।
एंटी-इनफिल्ट्रेशन ग्रिड की पकड़: भारतीय इलाके की तरफ बढ़ते समय वे भारतीय सेना द्वारा बिछाए गए मजबूत घुसपैठ-रोधी घेरे (एंटी-इनफिल्ट्रेशन ग्रिड) और लैंडमाइन की चपेट में आ गए। इसके बाद हुए जोरदार धमाके में चारों आतंकवादी मौके पर ही मारे गए।
धमाके के बाद सुरक्षा अलर्ट
यह घटनाक्रम सोमवार को कृष्णा घाटी सेक्टर में ज़ीरो लाइन के पास सतवाल-नाकी इलाके में हुए एक धमाके के बाद हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार, LoC के पाकिस्तान की तरफ लोगों के एक समूह की आवाजाही के दौरान एक संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) में धमाका हुआ। उस समय हताहतों की खबर मिली थी, लेकिन मारे गए या घायल लोगों की सही संख्या तुरंत पता नहीं चल पाई थी।
अधिकारियों ने कहा था कि यह स्पष्ट नहीं था कि समूह में LoC पार करने की कोशिश कर रहे संदिग्ध आतंकवादी थे या इलाके में गश्त कर रहे पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी। धमाके की वजह बनी परिस्थितियों का भी अभी पता नहीं चल पाया था।
धमाके के बाद, सुरक्षा बलों ने पूरे सेक्टर में अलर्ट जारी कर दिया और स्थिति का जायजा लेने और सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक को रोकने के लिए LoC पर निगरानी बढ़ा दी।
मेंढर में दो लैंडमाइन नष्ट की गईं
सोमवार को एक अलग घटनाक्रम में, सेना के जवानों ने मेंढर सेक्टर के बसोनी इलाके में बॉर्डर फेंस के पास दो जंग लगी लैंडमाइन का पता लगाया।
ये विस्फोटक क्रमशः सुबह 8.25 बजे और दोपहर 12.10 बजे ट्रैक बनाने के काम के दौरान देखे गए। बाद में सेना के विशेषज्ञों ने नियंत्रित धमाकों में दोनों डिवाइस को नष्ट कर दिया।
पिछले एक हफ्ते में सेना ने इस इलाके में लगभग एक दर्जन लैंडमाइन का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय किया है।
LoC के पास लैंडमाइन क्यों खतरा पैदा करती हैं
घुसपैठ-रोधी प्रणाली के हिस्से के तौर पर LoC के पास के अग्रिम इलाकों में लैंडमाइन बिछाई जाती हैं। इन विस्फोटकों का मकसद सीमा पार से घुसपैठ को रोकना होता है।
हालांकि, भारी बारिश कभी-कभी लैंडमाइन को बहा ले जाती है, जिससे वे ऐसी जगहों पर सतह पर आ जाती हैं जहां वे संभावित खतरा पैदा कर सकती हैं। मेंढर में जंग लगे विस्फोटकों का मिलना अग्रिम इलाकों में ऐसी डिवाइस की निगरानी की लगातार चुनौती को उजागर करता है।
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