By अभिनय आकाश | Jun 12, 2026
भारत ने अपनी नौसेना को अलर्ट कर दिया है। जिसके बाद अरब सागर से लेकर स्टेट ऑफ होर्मुज तक खतरनाक हलचल मची हुई है। भारत ने अपने लोगों की रक्षा के लिए ताबड़तोड़ एक्शन शुरू कर दिए हैं और यह सब कुछ ऐसे समय में हो रहा है जब लगातार भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमलों की खबरें जो है वो सामने आ रही है। दरअसल पिछले एक हफ्ते के भीतर तीन अलग-अलग कमर्शियल जहाजों पर हमले हुए हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि तीनों जहाजों पर भारतीय क्रू मौजूद था। पहले हमले में 24 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके बाद दूसरे हमले में 24 भारतीय क्रू मौजूद थे लेकिन तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। इसके बाद बता दें कि तीसरे जहाज पर भी हमला हो जाता है। हालांकि इस बार सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। लगातार हो रहे इन हमलों के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के वरिष्ठ राजनिक को तलब किया और अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। विदेश मंत्रालय ने यह साफ कहा है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे हमले तुरंत रुकने चाहिए।
भारतीय नौसेना समुद्री निगरानी बढ़ा सकती है। वॉरशिप, ड्रोन, सेटेलाइट और मैरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट के जरिए संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर भारतीय जहाजों को एक्सक भी किया जा सकता है। पहले भी आपको बता दें कि ऑपरेशन संकल्प और एंटी पाइरेसी मिशनों के दौरान भारतीय नौसेना इसी तरह के भारतीय हितों की सुरक्षा पहले भी कर चुकी है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि कमर्शियल जहाजों के पास खुद की कोई सैन्य सुरक्षा नहीं होती। यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों पर भरोसा करके चलते हैं। ऐसे में किसी भी मिसाइल हमले का सबसे बड़ा खतरा जहाज पर मौजूद नागरिक क्रू होता है। फिलहाल भारत ने यह साफ कर दिया है कि उसके नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई भी और किसी भी तरीके का समझौता नहीं होगा। इसलिए समुद्र में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नौसेना और सरकार दोनों हाई अलर्ट मोड में आ चुके हैं।