By Ankit Jaiswal | Jan 01, 2026
नए साल की शुरुआत के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम के सामने एक बेहद व्यस्त और चुनौतीपूर्ण कैलेंडर खड़ा है। 2026 का पूरा साल क्रिकेट के लिहाज से उतार-चढ़ाव, दबाव और बड़े इम्तिहानों से भरा रहने वाला है। बीते साल यानी 2025 में जहां टीम इंडिया को टेस्ट क्रिकेट में घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ झटका लगा था, वहीं सीमित ओवरों में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की थी। अब फोकस उस लय को बरकरार रखने और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खुद को साबित करने पर है।
बता दें कि 2026 की शुरुआत न्यूजीलैंड के भारत दौरे से होगी, जहां दोनों टीमें तीन वनडे और पांच टी20 मुकाबलों में आमने-सामने होंगी। यह सीरीज न सिर्फ वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से अहम होगी, बल्कि टीम संयोजन को परखने का भी बड़ा मौका मानी जा रही है।
इसके बाद फरवरी में घरेलू सरजमीं पर टी20 वर्ल्ड कप खेला जाएगा, जहां भारत से खिताब बचाने की उम्मीदें होंगी। मौजूद जानकारी के अनुसार, वर्ल्ड कप मुकाबले मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद और कोलंबो जैसे शहरों में खेले जाएंगे। भारत को ग्रुप स्टेज में अमेरिका, नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स जैसी टीमों से भिड़ना है।
गौरतलब है कि वर्ल्ड कप के तुरंत बाद आईपीएल 2026 का आयोजन होगा, जो खिलाड़ियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से बड़ी चुनौती बनेगा। इसके बाद टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां पांच टी20 और तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। यह दौरा विदेशी परिस्थितियों में टीम की गहराई और संयम की असली परीक्षा होगा।
साल के दूसरे हिस्से में भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड जैसे देशों के खिलाफ टेस्ट और सीमित ओवरों की सीरीज खेलनी है, वहीं एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम की भागीदारी प्रस्तावित है। इसके अलावा अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज भी तय हैं।
कुल मिलाकर, 2026 भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद व्यस्त, चुनौतीपूर्ण और निर्णायक रहने वाला है। टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ी चुनौती खिलाड़ियों के वर्कलोड को संतुलित रखने और बड़े टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने की होगी।