America में कमाते हैं तो वहां के प्रति वफादार रहें, लेकिन... Mohan Bhagwat ने भारतीय प्रवासियों से कहा

By एकता | Aug 30, 2026

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भारतीय प्रवासियों से अपनी ‘कर्मभूमि’ और ‘जन्मभूमि’ दोनों के प्रति जिम्मेदारियां निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसा करके प्रवासी भारतीय दुनिया के सामने मौजूद कई चुनौतियों से निपटने में योगदान दे सकते हैं।

भारत आपसे कुछ उम्मीद नहीं करता

मोहन भागवत ने कहा कि जो लोग अमेरिका या दुनिया के दूसरे देशों में रहते हैं, वे अपनी कर्मभूमि के लिए काम करें। अगर उन्हें समय और साधन मिलें तो वे भारत के लिए भी काम कर सकते हैं, लेकिन भारत उनसे इसकी उम्मीद नहीं करता।

उन्होंने कहा, “भारत आपसे जीने की उम्मीद करता है, क्योंकि भारत ने आपको जीवन जीने का विचार दिया है।” भागवत ने कहा कि भारतीय प्रवासियों को अपनी कर्मभूमि के प्रति जिम्मेदारी को प्राथमिकता देनी चाहिए और जिस देश में वे रह रहे हैं, वहां पूरी तरह ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

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अमेरिका में रहते हैं तो अमेरिका के प्रति सच्चे रहें

आरएसएस प्रमुख ने अमेरिका में रहने वाले भारतीयों के संदर्भ में कहा कि अगर कोई व्यक्ति अमेरिका में रहता है, वहीं काम करता है और कमाता है, तो उसे अमेरिका के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।

उन्होंने कहा, “हम अमेरिका में हैं। हम अमेरिका में रहते हैं। हम अमेरिका में कमाते हैं। इसलिए हम अमेरिका हैं। और हमें अमेरिका के प्रति सच्चा व्यवहार करना चाहिए।” भागवत ने कहा कि प्रवासी भारतीयों को अपनी कर्मभूमि के प्रति वफादार रहना चाहिए और वहां की जिम्मेदारियों को पूरा करना चाहिए।

भारत आपकी जन्मभूमि है

मोहन भागवत ने कहा कि प्रवासी भारतीयों की जन्मभूमि भारत है। इसलिए अपनी कर्मभूमि की जिम्मेदारियां पूरी करने के साथ वे अपनी क्षमता और उपलब्ध साधनों के अनुसार भारत के लिए भी योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीयों को अपनी कर्मभूमि और जन्मभूमि दोनों के प्रति कर्तव्यों को समझना चाहिए। उनके मुताबिक, भारत के बड़े लक्ष्य में योगदान देने का रास्ता अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने से होकर जाता है।

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दुनिया के लिए मददगार हो सकता है यह संतुलन

भागवत ने कहा कि अगर भारतीय प्रवासी अपनी कर्मभूमि और जन्मभूमि दोनों के प्रति अपनी जिम्मेदारियां सही तरीके से निभाते हैं, तो यह पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद हो सकता है।

उन्होंने कहा कि दुनिया आज कई समस्याओं से जूझ रही है और हर कदम पर मुश्किलों का सामना कर रही है। ऐसे समय में लोगों को सहारा और समर्थन देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों का अपनी जिम्मेदारियों को संतुलित तरीके से निभाना दुनिया के लिए एक सकारात्मक योगदान बन सकता है।

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