भारतीय उच्चायुक्त को निकाल फेंकने की धमकी, सेना ने घेरा बांग्लादेश बॉर्डर

By अभिनय आकाश | Dec 20, 2025

भारत बांग्लादेश बॉर्डर इस वक्त अलर्ट पर है। बीते कुछ घंटों में बांग्लादेश से जो तस्वीरें सामने आई उसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। कैसे भारत विरोधी दंगों को अंजाम दिया गया। हिंदुओं को जिस तरह से टारगेट किया जा रहा है उसे देख भारतीयों का खून खौल उठा है और अब बांग्लादेश से वो खबर सामने आई है जिसे देखने के बाद बॉर्डर पर भारतीय सेना ने चौकसी बढ़ा दी है। बांग्लादेश में भारत विरोधी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद राजधानी ढाका और अन्य शहरों में हिंसा भड़क उठी और भीड़ ने कई इलाकों में भारी आगजनी की। बांग्लादेश में अगले साल फरवरी में होने वाले आम चुनावों का उम्मीदवार भी यह नेता था। हादी की हत्या के बाद उसके समर्थकों में गुस्सा भड़का। उसके समर्थकों ने पूरे शहर में कई जगह पर आगजनी की और हिंदुओं को निशाने पर लिया। इतना ही नहीं ढाका में भारतीय उच्चा आयोग के आसपास भीड़ तक जमा कर दी और जमकर प्रदर्शन करने लगे। हिंदुओं के मंदिरों को भी निशाने पर लिया गया। इतना ही नहीं बता दें कि नेशनल सिटीजन पार्टी यानी कि एनसीपी के नेता हसनत अब्दुल्ला ने भारतीय उच्चायुक्त को निकालने की मांग तक कर डाली।

बता दें कि ढाका स्थित उच्च आयोग के अलावा भारत के चार सहायक उच्च आयोग चटगांव, राज्यशाही और खुलना और सिलहट में है। वहीं बता दें कि इन सब हिंसा को देखते हुए और प्रदर्शन के चलते बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा आवेदन केंद्र बंद करना पड़ा है। तो वहीं बता दें कि भारत ने दिल्ली में बांग्लादेश के राजदूत को तलब भी किया है और ढाका के अधिकारियों से अपने मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। इतना ही नहीं बांग्लादेश के नेशनल सिटीजन पार्टी एनसीपी के सर्दन चीफ ऑर्गेनाइजर जिसने भारतीय ऊंचाइयों को निकालने की मांग की थी अब उसने भारत के तलब करने पर आपत्ति भी जता दी है। दरअसल हसनत अब्दुल्ला ने भारत में बांग्लादेश की ऊंचाइयों को तलब करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हमें भारत के इस रुख पर कठोर प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी।

इसे भी पढ़ें: बांग्लादेश में भारत विरोधी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी का अंतिम संस्कार, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

भारत की ऊंचाइयों को देश से बाहर निकाल देना चाहिए था क्योंकि वह शेख हसीना को शरण दे रहा है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत की संप्रभुता और सीमाओं का सम्मान तभी करेगा जब भारत भी बांग्लादेश के प्रति वही सम्मान दिखाएगा। तो वहीं बता दें कि हाल ही के महीनों में बांग्लादेश के नेता भारत के खिलाफ आए दिन कई तरह के आरोप लगा रहे हैं। बुधवार को इन आरोपों को खारिज करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश में हाल ही की कुछ घटनाओं को लेकर कट्टरपंथी तत्वों के झूठ विमर्श को हम पूरी तरह से खारिज किया है। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है किभारत और बांग्लादेश के सेना प्रमुख सीधे संपर्क में हैं और जमीनी हालात पर लगातार बातचीत हो रही है। मकसद साफ है, सीमा के दोनों ओर हालात काबू में रहें और किसी भी तरह की स्थिति बिगड़ने न पाए। बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर उज जमान ने भारतीय सेना प्रमुख को भरोसा दिलाया है कि बांग्लादेश में मौजूद सभी भारतीय ठिकाने पूरी तरह सुरक्षित हैं।

इसे भी पढ़ें: Bangladesh में हिंसा पर Shashi Tharoor मुखर, बोले- 'पत्रकारों पर हमला अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है'

दूसरी तरफ बांग्लादेश के हालात को देखते हुए एक ही दिन के अंदर दो बांग्लादेश से सटी हुई सीमाओं पर पूर्वी आर्मी कमांड के कमांडर गए और बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स के अधिकारियों के साथ सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग भी की। पूर्वी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आर सी तिवारी ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ मिज़ोरम के परवा क्षेत्र में स्थित असम राइफल्स एवं सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की कंपनी ऑपरेटिंग बेस का दौरा किया। 

प्रमुख खबरें

Animesh Kujur की तूफानी दौड़, National Record तोड़कर Commonwealth Games 2026 में बनाई जगह

Human Trafficking पर Supreme Court का ऑपरेशन क्लीन, राज्यों को 4 हफ्ते में AHTU बनाने का आदेश

IPL 2026: अर्श से फर्श पर Punjab Kings, लगातार 6 हार के बाद Lucknow के खिलाफ Playoff की आखिरी उम्मीद

Barcelona के कोच Hansi Flick का बड़ा बयान, Pep Guardiola हैं दुनिया के बेस्ट कोच