By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 03, 2021
नयी दिल्ली। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय पुरूष और महिला हॉकी टीम के बर्मिंघम में अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों (सीडब्ल्यूजी) में भाग लेने की संभावना बेहद कम है क्योंकि वे एशियाई खेलों के दौरान अपनी शीर्ष फार्म में रहना चाहेंगी जो 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफायर टूर्नामेंट है। बत्रा ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को यहां एक औपचारिक बैठक के दौरान भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के महानिदेशक संदीप प्रधान को इस बात से अवगत करा दिया है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के प्रमुख और हॉकी इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बत्रा ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम की प्राथमिकता एशियाई खेलों में अपने शिखर (लय और फिटनेस) पर पहुंचना है, जो राष्ट्रमंडल खेलों के ठीक 35 दिन बाद शुरू होगा।
भारत कुल 66 पदक के साथ तालिका में तीसरे स्थान पर रहा था। बर्मिंघम खेलों से निशानेबाजी और तीरंदाजी को पहले ही हटा दिया गया है और अब हॉकी टीम के बाहर होने की संभावना है, ऐसे में आगामी खेलों में भारतीय दल बहुत छोटा होगा। बत्रा ने कहा, ‘‘ राष्ट्रमंडल खेलों 2022 के लिए भारतीय दल में खिलाड़ियों की संख्या 2018 की तुलना में बहुत कम होगी। इसमें 36 हॉकी खिलाड़ियों के साथ निशानेबाजी और तीरंदाजी के खिलाड़ी भी शामिल नहीं होगें। लगभग 18 निशानेबाज और आठ तीरंदाजों को मिलाकर 2018 की तुलना में 62 खिलाड़ी कम हो गये। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ इसके कारण 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पदकों की संख्या भी पहले की तुलना में कम होगी।