By अभिनय आकाश | Aug 24, 2026
अमेरिका में अपना करियर बनाने की चाहत रखने वाले भारतीय छात्रों और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स के लिए, वहां जाने का खर्च एक बार फिर बढ़ सकता है। ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से बढ़ाई गई सख्ती के बीच हो सकता है। न्यूयॉर्क शहर की इमिग्रेशन लॉ फर्म 'फ्रैगोमेन' के अनुसार, अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने H-1B वर्क वीज़ा प्रोग्राम और F-1 ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) प्रोग्राम, दोनों के लिए नई फीस का प्रस्ताव रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन प्रस्तावों पर अभी भी विचार चल रहा है और इनकी सटीक रकम सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन यह घटनाक्रम भारतीयों के लिए अहम है, क्योंकि H-1B वीज़ा पाने वालों में भारतीयों की संख्या सबसे ज़्यादा है। USCIS (US सिटिज़नशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज़) की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2024 में मंज़ूर की गई 71% H-1B अर्जियां भारत में जन्मे लोगों के लिए थीं।
दुनिया की प्रमुख कॉर्पोरेट इमिग्रेशन लॉ फर्मों में से एक, न्यूयॉर्क स्थित फ्रैगोमेन ने 21 अगस्त को एक नोट में कहा कि US DHS ने H-1B और F-1 OPT प्रोग्राम पर असर डालने वाली नई फीस के लिए रेगुलेटरी प्रक्रिया शुरू कर दी है। लॉ फर्म के अनुसार, OPT फ़ीस के प्रस्तावित नियम को रिव्यू के लिए 20 अगस्त को 'ऑफ़िस ऑफ़ मैनेजमेंट एंड बजट' (OMB) के पास भेजा गया था। कुछ H-1B याचिकाओं पर फ़ीस से जुड़ा एक अलग प्रस्ताव OMB को मिला था और 19 अगस्त को उसका रिव्यू पूरा हो गया। दोनों प्रस्तावों की जानकारी अभी गोपनीय है। इसका मतलब है कि फ़ीस की नई राशि के बारे में अभी कोई पक्की जानकारी नहीं है। हालांकि, फ्रैगोमेन ने हाल की न्यूज़ रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि "DHS, OPT आवेदनों के लिए $100,000 तक की फ़ीस का प्रस्ताव रख सकता है।" प्रस्तावित H-1B फ़ीस का संबंध पहले $100,000 के H-1B पेमेंट की शर्त से जुड़े कानूनी विवाद से भी हो सकता है।