By एकता | May 07, 2026
पहले की तुलना में अब अपने पेट्स के साथ सफर करना काफी आसान हो गया है। आजकल ऑटो और बस से लेकर कैब तक में पेट-फ्रेंडली ट्रैवल की सुविधा मिल जाती है। यहां तक कि लोग अब ट्रेन में भी अपने पालतू जानवरों को साथ ले जा सकते हैं। हालांकि, पहले ट्रेन में पेट्स के साथ यात्रा करना थोड़ा सिरदर्दी भरा काम था, लेकिन अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में 'पेट बॉक्स' (Indian Railways Pet Box) की सुविधा आने से यह प्रक्रिया बहुत सरल हो गई है।
पेट बॉक्स की बुकिंग के लिए फिलहाल कोई ऑनलाइन सिस्टम उपलब्ध नहीं है। इसके लिए आपको रेलवे स्टेशन के पार्सल या लगेज ऑफिस जाना होगा। ध्यान रखें कि ट्रेन छूटने से कम से कम 3 घंटे पहले स्टेशन पहुंचना जरूरी है, क्योंकि वहां डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको अपने पेट के लिए एक अलग टिकट दिया जाता है।
सफर पर निकलने से पहले कुछ कागजात तैयार रखना अनिवार्य है। आपके पास वेट द्वारा जारी फिटनेस सर्टिफिकेट होना चाहिए, जो यात्रा से 24–48 घंटे के भीतर बना हो। इसके अलावा, पेट का वैक्सीनेशन रिकॉर्ड भी साथ रखें। यदि ये दस्तावेज नहीं होंगे, तो बुकिंग कैंसिल की जा सकती है।
पेट बॉक्स की सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपके पास उसी ट्रेन का कंफर्म टिकट होना चाहिए। अगर आपका टिकट RAC या वेटिंग में है, तो आप इस सुविधा का उपयोग नहीं कर पाएंगे। जहां तक खर्च की बात है, तो पेट का किराया उसके वजन के आधार पर तय होता है। आमतौर पर यह ₹30 प्रति किलो के हिसाब से चार्ज किया जाता है, जिसका भुगतान बुकिंग के समय ही करना होता है।
पेट बॉक्स की सुविधा अभी सभी रूट्स और ट्रेनों में उपलब्ध नहीं है, इसलिए यात्रा से पहले इसकी जानकारी जरूर जुटा लें। यदि आप परिवार या दोस्तों के साथ जा रहे हैं, तो अधिक सावधानी बरतें ताकि पालतू जानवर को कोई असुविधा न हो। साथ ही, भीषण गर्मी की स्थिति में पेट्स के साथ सफर करने से बचना चाहिए, बहुत जरूरी होने पर ही उन्हें साथ ले जाएं।