By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 05, 2026
मुंबई, पांच अक्टूबर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को पांच पैसे की गिरावट के साथ 96.30 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। कारोबार के दौरान भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 96 के अहम स्तर के आसपास सीमित दायरे में रही। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि जोखिम लेने की बढ़ती धारणा ने रुपये को सहारा दिया, हालांकि कारोबारी अब विदेशी पूंजी प्रवाह और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आगामी मौद्रिक नीति निर्णय पर नजर बनाए हुए हैं।
‘गांधी जयंती’ के अवसर पर शुक्रवार को विदेशी मुद्रा बाजार और शेयर बाजार बंद थे। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘जोखिम उठाने की बढ़ती धारणा ने घरेलू मुद्रा को अतिरिक्त समर्थन दिया, हालांकि, अब सभी की निगाहें आरबीआई के मौद्रिक नीति फैसले और विदेशी पूंजी प्रवाह पर टिकी होंगी। आने वाले वक्त में रुपये के अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.95 से 96.50 के बीच रहने की संभावना है।’’ रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन-दिन की बैठक सोमवार को शुरू हुई।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से घरेलू मुद्रास्फीति के लिए जोखिम पैदा होने के कारण केंद्रीय बैंक नीति दरों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.25 प्रतिशत बढ़कर 102.18 पर था। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 102.48 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 9,484.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।