By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 04, 2026
मुंबई, चार नवंबर रुपये में बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे मजबूत होकर 94.58 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और विदेशी पूंजी प्रवाह से रुपये को समर्थन मिला। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी और अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजों से वैश्विक निवेशकों की धारणा में सुधार ने भी रुपये को मजबूती दी।
रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.75 पर बंद हुआ था, जो नौ पैसे की बढ़त है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजों से वैश्विक धारणा में सुधार हुआ है। इससे व्यापार और शुल्क नीतियों को लेकर अधिक संतुलित रुख अपनाए जाने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे उभरते बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का निवेश बढ़ सकता है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.53 प्रतिशत फिसलकर 101.18 पर रहा। डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में मध्यावधि चुनाव के नतीजे आने की उम्मीदों के बीच अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल में भी गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चे तेल का भाव वायदा कारोबार में 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 102.84 डॉलर प्रति बैरल रहा।
हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 383.55 अंक यानी 0.50 प्रतिशत चढ़कर 77,301.40 अंक पर जबकि निफ्टी 149.75 अंक यानी 0.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,960.60 अंक पर रहा। दोनों प्रमुख सूचकांक पिछले कारोबारी सत्र में भी 1.5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार तीसरे कारोबारी दिन शुद्ध लिवाल रहे और उन्होंने मंगलवार को 6,836.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।