By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन नवंबर ओमान में लिमाह के पास सोमवार शाम एक वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की और पश्चिम एशिया में तनाव को तुरंत कम करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। इस हमले में भारतीय की मौत के बाद, फरवरी में इस क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद से मारे गए भारतीय नागरिकों की कुल संख्या 23 हो गई है, जिनमें 15 भारतीय नाविक भी शामिल हैं।
जहाज पर सवार 14 भारतीय नागरिकों में से 13 को बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक की चोटों के कारण मौत हो गई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि मस्कट स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है और बचाए गए भारतीय नागरिकों की जल्द स्वदेश वापसी तथा मृतक के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। भारत ने कहा कि इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की लगातार हो रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
मंत्रालय ने कहा, हम तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने और कूटनीतिक समाधान के लिए जारी वार्ता को पूरा करने की अपनी अपील दोहराते हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके। बयान में कहा गया, क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की घटनाएं बंद होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से निर्बाध नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेसवार्ता में कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष में अब तक 23 भारतीय नागरिक मारे गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में हमने 23 भारतीय नागरिकों को खो दिया है, जिनमें से 15 भारतीय नाविक थे।’’ जायसवाल ने रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि काला सागर क्षेत्र में हुए हमलों में अब तक पांच भारतीयों की मौत हो चुकी है। पश्चिम एशिया में संघर्ष की शुरुआत फरवरी में हुई, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले किए।
नयी दिल्ली लगातार यह कहती रही है कि इस संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के ज़रिए निकाला जाना चाहिए। पश्चिम एशिया में तनाव अचानक बढ़ गया है, खासकर सऊदी अरब पर हूतियों द्वारा किए गए कई हमलों के बाद। भारत ने सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों पर हूती हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
इसने कहा है कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से होकर होने वाले आवागमन की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा करते हैं।