By अभिनय आकाश | Apr 02, 2026
समंदर के बीच फंसा एक जहाज ऊपर से गुजरती मिसाइलें और हर पल मौत का खतरा और फिर भी 27 भारतीय अपनी जान दांव पर लगाकर डटे रहे। यह कहानी है उस भारतीय गैस टैंकर की जो यूएई से चला था। लेकिन जंग के बीच 23 दिन तक यह फंसा रहा और फिर एक खतरनाक रास्ते से निकलकर यह भारत पहुंचा। दरअसल बता दें कि पाइन गैस टैंकर 27 फरवरी 2026 को यूएई के रूएस पोर्ट से 45,000 मेट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत के लिए रवाना होने वाला था। जहाज में 27 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे। जिन्हें यह उम्मीद थी कि बस एक हफ्ते में यह घर पहुंच जाएंगे। लेकिन 28 फरवरी को इजराइल और यूनाइटेड स्टेट्स यानी कि अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया और सब कुछ ही सेकंड में बदल गया। जंग शुरू हो गई और दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता यानी कि स्टेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से बंद हो गया। ईरान ने वहां पर माइंस बिछा दिए। जहाजों की आवाजाही रोक दी गई और यही वो जगह थी जहां पर भारतीय जहाज फंस गया।
27 जिंदगियां और एक फैसला और फिर सभी ने एक साथ कहा हम तैयार हैं। इसके बाद शुरू हुआ मौत के साए से बाहर निकलने का मिशन। ईरान ने ना कोई फीस ली ना जहाज पर चढ़कर कोई भी जांच की। और जैसे ही जहाज़ स्टेट ऑफ हॉरर्मूस पार कर गया। इंडियन नेवी पहले से ही वहां पर मौजूद थी। भारतीय युद्ध पोतों ने करीब 20 घंटे तक जहाज को एस्कॉट किया और आखिरकार बता दें कि जहाज सुरक्षित तरीके से भारत पहुंच गया। यह सिर्फ बता दें कि एक जहाज की कहानी नहीं है। आज भी करीब 18 भारतीय जहाज और 450 से ज्यादा नाविक उसी खाड़ी में फंसे हुए हैं। भारत जैसे देश के लिए जहां करोड़ों घर एलपीजी पर निर्भर है। ऐसी सप्लाई लाइफ लाइन होती है। कहते हैं हीरो वो नहीं जो दिखता है। हीरो वो है जो हालात से लड़ता है। और इस कहानी के असली हीरो है वो 27 क्रू मेंबर्स। भारतीय नौसेना के वो लोग जो हर हाल में सप्लाई चेन को जिंदा रखते हैं।