By प्रेस विज्ञप्ति | Sep 17, 2026
इंडियन यूथ कांग्रेस ने देशभर के सरकारी विभागों में खाली पड़े मंजूर पदों को लेकर ‘मेरी डिग्री का क्या?’ कैंपेन शुरू किया है। कैंपेन की शुरुआत दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ हुई, जहां एक वेबसाइट लॉन्च की गई और आगे की गतिविधियों का रोडमैप भी बताया गया। यूथ कांग्रेस का कहना है कि देश के युवाओं के सामने बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती है और बड़ी संख्या में सरकारी पद खाली होने के बावजूद उन पर भर्ती नहीं हो रही है।
यूथ कांग्रेस का कहना है कि एक तरफ युवाओं के पास डिग्रियां हैं और वे नौकरी की तलाश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में सरकारी पद खाली पड़े हैं। इसी सवाल को लेकर संगठन ने ‘मेरी डिग्री का क्या?’ अभियान शुरू किया है।
यूथ कांग्रेस के मुताबिक, यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर शुरू किया गया है। संगठन ने अपने बयान में प्रधानमंत्री और देश के युवाओं के बीच रोजगार के मुद्दे को लेकर तुलना की है।
यूथ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की डिग्री और युवाओं की डिग्रियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि आम परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए फीस भरने और कई बार कर्ज लेने तक की कोशिश करते हैं, इस उम्मीद में कि पढ़ाई के बाद उन्हें रोजगार मिलेगा और वे परिवार का सहारा बन सकेंगे।
यूथ कांग्रेस ने अपने अभियान के जरिए सवाल उठाया है कि अगर देश में बड़ी संख्या में युवा नौकरी के लिए योग्य हैं और सरकारी विभागों में मंजूर पद खाली हैं, तो इन पदों पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही है।
संगठन ने केंद्र सरकार की ओर से हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के वादे को लेकर भी सवाल उठाए हैं। यूथ कांग्रेस ने अपने बयान में प्रधानमंत्री के लिए ‘जुमलाजीवी’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए रोजगार के वादों पर निशाना साधा है।
हालांकि, ये यूथ कांग्रेस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप और उसके अभियान का हिस्सा हैं। इनके संदर्भ में सरकार का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है।
यूथ कांग्रेस ने खाली सरकारी पदों को भरने के लिए दो प्रमुख मांगें रखी हैं।
पहली मांग: हर खाली पद के लिए समय-सीमा वाला भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए।
दूसरी मांग: भर्ती परीक्षा से लेकर अंतिम नियुक्ति तक पूरी प्रक्रिया के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जाए।
संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी का सीधा असर उन युवाओं पर पड़ता है, जो लंबे समय तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहते हैं।
यूथ कांग्रेस ने कहा है कि आने वाले एक साल में खाली सरकारी पदों को भरने की मांग को लेकर देशभर में अभियान चलाया जाएगा। संगठन ‘जॉब मार्च’ और ‘डिग्री मार्च’ जैसी पहल के जरिए युवाओं को इस मुद्दे से जोड़ने की बात कह रहा है।
यूथ कांग्रेस के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। संगठन ने यह भी कहा है कि अगर सरकार की ओर से मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो अगले साल प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उनके आवास के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।
यूथ कांग्रेस ने कहा है कि ‘मेरी डिग्री का क्या?’ अब सिर्फ एक अभियान नहीं रहेगा, बल्कि इसे देशभर के युवाओं से जुड़े रोजगार के मुद्दे के तौर पर उठाया जाएगा।
संगठन के मुताबिक, यह सवाल विश्वविद्यालयों, सड़कों और देश के गांवों तक पहुंचाया जाएगा। यूथ कांग्रेस का कहना है कि चुनी हुई सरकार को युवाओं के रोजगार और भविष्य से जुड़े सवालों पर जवाब देना चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा और आईवाईसी के राष्ट्रीय सचिव व दिल्ली के सह-प्रभारी परमिंदर सिंह पम्मी मौजूद थे।
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईवाईसी मीडिया विभाग की ओर से जारी बयान में इस अभियान को लेकर आगे भी देशव्यापी गतिविधियां चलाने की बात कही गई है।