जीत से भारतीय खुश तो हैं, मगर दर्शकों की बेरुखी ने दिया संदेश– खेल से बड़ा है राष्ट्रहित

By नीरज कुमार दुबे | Sep 15, 2025

भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एशिया कप मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों को जीत की खुशी तो दी, लेकिन इसके साथ ही कुछ गहरी भावनाएं और सवाल भी छोड़ गया। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस जीत को पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और देश के सशस्त्र बलों को समर्पित कर यह स्पष्ट कर दिया कि यह मुकाबला महज खेल भर नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय भावना और सुरक्षा बलों के साहस को सलाम करने का अवसर भी था।

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दरअसल, सीमा पार आतंकवाद ने भारत-पाक रिश्तों को लंबे समय से प्रभावित किया है। जब भी दोनों टीमें मैदान पर उतरती हैं, खेल केवल खेल नहीं रह जाता, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता और सुरक्षा के सवाल उसमें घुलमिल जाते हैं। यही कारण है कि दुबई स्टेडियम में इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के बावजूद आधे से ज्यादा सीटें खाली रहीं और दर्शकों के बीच उत्साह उम्मीद से कम दिखाई दिया।

दूसरी ओर, भारत की जीत का लोगों ने स्वागत किया, लेकिन इस मैच को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में निराशा भी झलकी। दुबई में खाली पड़े स्टेडियम ने यह कड़ा संदेश दिया कि आतंकवाद और खेल साथ-साथ नहीं चल सकते। जब तक आतंक का साया मौजूद है, तब तक क्रिकेट जैसी सौहार्द की भाषा भी अधूरी ही रहेगी।

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