Global Stage पर भारत का संतुलित रुख, BRICS में S Jaishankar ने दी कूटनीति की नसीहत

By Ankit Jaiswal | May 15, 2026

मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारत ने ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार को लेकर अपनी चिंता खुलकर जाहिर की है। ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ कहा कि वैश्विक शांति और आर्थिक स्थिरता के लिए सुरक्षित समुद्री मार्ग बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि स्थिरता चुनिंदा नहीं हो सकती और शांति भी टुकड़ों में संभव नहीं हैं।

बता दें कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से पूरा करता है। ऐसे में मध्य पूर्व में किसी भी तरह का सैन्य तनाव या समुद्री बाधा भारत समेत दुनिया के कई देशों के लिए चिंता का कारण बन सकता हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों की नींव देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी संघर्ष का स्थायी समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव हैं।

गौरतलब है कि ब्रिक्स बैठक के दौरान ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच भी तनाव देखने को मिला। सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद इतने बढ़ गए कि बैठक में तीखी बहस की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव को बीच में हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराना पड़ा हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, ईरान ने बैठक में अमेरिका और इजराइल पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश अवैध विस्तारवाद और युद्ध जैसी नीतियों का शिकार बना हुआ हैं। उन्होंने ब्रिक्स देशों से अमेरिका और इजराइल की कथित कार्रवाई की खुलकर निंदा करने की अपील भी की हैं।

वहीं भारत ने संतुलित रुख अपनाते हुए सभी पक्षों से तनाव कम करने और शांति बहाल करने की दिशा में काम करने की बात कही। जयशंकर ने कहा कि भारत किसी भी सकारात्मक पहल में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

बता दें कि ब्रिक्स समूह अब दुनिया की बड़ी आर्थिक और राजनीतिक ताकतों में गिना जाता है। इस समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया जैसे नए सदस्य भी शामिल हो चुके हैं। यह समूह दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता हैं।

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शुक्रवार से चार देशों के दौरे पर रवाना होने वाले हैं। इस दौरे में उनका पहला पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात रहेगा, जहां वह राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती हैं।

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