थकी-हारी, आंखों के नीचे चोट... Trial में हार के बाद Nikhat Zareen ने सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल

By Ankit Jaiswal | May 15, 2026

भारतीय महिला मुक्केबाजी की स्टार खिलाड़ी निखत जरीन के लिए गुरुवार का दिन काफी निराशाजनक रहा। दो बार की विश्व चैंपियन निखत कॉमनवेल्थ खेल और एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में हारकर बाहर हो गईं। लेकिन इस हार के साथ उन्होंने खिलाड़ियों को झेलनी पड़ रही परेशानियों को लेकर भी कई अहम बातें सामने रखी।

मुकाबले के दौरान निखत के चेहरे पर थकान साफ दिखाई दी। उनकी बाईं आंख के नीचे चोट के निशान भी नजर आए। मुकाबले के बाद निखत ने कहा कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह थक चुकी थीं। उन्होंने कहा कि जनवरी 2025 से लगातार टूर्नामेंट खेल रही हैं और घर पर पर्याप्त समय भी नहीं बिता पा रही थीं।

गौरतलब है कि निखत जरीन को भारतीय मुक्केबाजी की सबसे मजबूत पदक दावेदारों में गिना जाता है। ऐसे में उनका ट्रायल से बाहर होना खेल जगत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा हैं।

हार के बाद निखत ने कहा कि अब वह अपनी गलतियों पर काम करेंगी और मजबूत वापसी की तैयारी करेंगी। उन्होंने साफ किया कि उनका अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक के क्वालीफायर होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय मुक्केबाजी महासंघ जब भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता की घोषणा करेगा, वह पूरी तैयारी के साथ वापसी करेंगी।

मौजूद जानकारी के अनुसार, निखत ने भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के बीच चल रहे प्रशासनिक विवाद को भी खिलाड़ियों की परेशानी की बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं के बीच खींचतान का सीधा असर खिलाड़ियों की तैयारी पर पड़ा और मुक्केबाज बीच में फंसकर रह गए हैं।

निखत ने बताया कि राष्ट्रीय शिविर 26 मई से शुरू होना था, लेकिन मंजूरी नहीं मिलने के कारण खिलाड़ी असमंजस में रहे। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में उनके पास उचित प्रशिक्षण केंद्र नहीं है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई थीं।

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि खिलाड़ियों को रोजाना वजन कम करने के सख्त लक्ष्य दिए गए थे। मुक्केबाजों को शारीरिक परीक्षण, ताकत परीक्षण और बीप टेस्ट से गुजरना पड़ा, लेकिन बाद में बताया गया कि इन अंकों को अंतिम चयन में शामिल ही नहीं किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बन गया था।

निखत ने अपनी डाइट को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि 29 अप्रैल से उन्होंने पूरी तरह चावल और कार्बोहाइड्रेट खाना बंद कर दिया था। वह केवल सलाद, उबली सब्जियां, प्रोटीन और थोड़ा चिकन खाकर वजन नियंत्रित कर रही थीं। उनके अनुसार खिलाड़ियों को हर दिन करीब 500 ग्राम वजन कम करना पड़ रहा था।

मुकाबले को लेकर निखत ने साक्षी चौधरी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि साक्षी की पहुंच बेहतर थी और उनके बाएं हाथ के पंच काफी प्रभावी रहे। निखत ने हार को स्वीकार करते हुए कहा कि खेल में हार-जीत होती रहती है और यह उनका दिन नहीं था।

महिला टीम के मुख्य कोच सैंटियागो नीवा ने भी निखत का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि निखत अनुभवी खिलाड़ी हैं और भविष्य में मजबूत वापसी कर सकती हैं। कोच ने साक्षी चौधरी के प्रदर्शन की भी सराहना की है।

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