By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 16, 2026
इंडोनेशिया के तट पर शनिवार तड़के 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया जिससे कई इमारतें एवं मकान ढह गए और कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से कई लोग घायल हो गये। उन्होंने सुनामी की चेतावनी जारी कर तटीय इलाकों के लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा था लेकिन बाद में चेतावनी को वापस ले लिया गया।
शुरुआती भूकंप के बाद कई झटके महसूस किए गए। मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि शनिवार दोपहर तक भूकंप के बाद 235 झटके महसूस किये गए, जिनमें सबसे तेज झटके की तीव्रता 6.2 थी। राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख फतुर रहमान ने बताया कि बचावकर्मियों ने कम से कम 40 शव बरामद किए हैं, जिनमें से अधिकांश सिका, मंगराई और पूर्वी मंगराई के बुरी तरह प्रभावित तीन जिलों से मिले हैं।
उन्होंने बताया कि लगभग 50 लोगों को अस्पतालों में ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि नागेकेओ रीजेंसी में करीब 2,000 ग्रामीण अपने घर छोड़कर अस्थायी आश्रय स्थलों पर चले गए हैं। रहमान ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि भूकंप के कारण हुए भूस्खलन की घटनाओं ने फ्लोरेस द्वीप के छह जिलों के कई दूरदराज के गांवों में मलबा भरा है।
पूर्वी नुसा तेंगारा के पुलिस प्रमुख रूडी दारमोको ने बताया कि भूकंप से भारी नुकसान हुआ है और कई इमारतें ढह गई हैं। दारमोको ने कहा, ‘‘हम नुकसान और हताहतों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं, लेकिन संचार सेवाएं बाधित हैं।’’ उन्होंने बताया कि भूकंप के कारण एंडे रीजेंसी में हुए भूस्खलन से ‘ट्रांस-फ्लोरेस’ राजमार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। स्थानीय टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में भूकंप के बाद कई अस्पतालों से मरीजों को एहतियातन बाहर निकालते देखा गया।
अस्पताल कर्मचारियों ने बिस्तर, ‘ड्रिप स्टैंड’ और ऑक्सीजन सिलेंडर समेत उपकरणों को बाहर निकाला तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्थायी उपचार स्थल बनाए। फ्लोरेस द्वीप के अधिकतर हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए और शुरुआती खबरों में भारी नुकसान की बात सामने आई है। पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत की सिक्का रीजेंसी की निवासी योहाना एम्बु ने बताया कि तेज झटकों से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने कहा, ‘‘यहां कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है... मैंने देखा कि मौमेरे के बंदरगाह टर्मिनल का प्रतीक्षालय ढह गया।’’ मुख्य रूप से कैथोलिक आबादी वाले फ्लोरेस द्वीप में स्थित ‘सेंट पीटर मेजर सेमिनरी’ के प्रमुख पादरी गिडेलबर्टस टांगा ने बताया कि सुबह की प्रार्थना में शामिल छात्र उस समय घबराकर बाहर भागे, जब एक सभागार की छत ढह गई। टांगा ने कहा, ‘‘हमारे छात्र और नन छत गिरने पर घबराकर बाहर भागे। भूकंप के दौरान एक इमारत की दूसरी मंजिल से कूदने के कारण कम से कम एक पादरी का पैर टूट गया।’’ करीब 17,000 द्वीपों वाला विशाल द्वीपसमूह इंडोनेशिया प्रशांत महासागर क्षेत्र में ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित होने के कारण भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील है।
‘रिंग ऑफ फायर’ प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला हुआ एक ऐसा क्षेत्र है जहां दुनिया के सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी और भूकंप आते हैं। दिसंबर 1992 में सात तीव्रता के भूकंप के कारण आई सुनामी में फ्लोरेस द्वीप पर करीब 2,500 लोगों की मौत हो गई थी।