चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति क्रमिक रूप से नरम पड़ सकती है: आरबीआई

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 09, 2022

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भरोसा जताया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति क्रमिक रूप से नरम पड़ेगी। उन्होंने शनिवार को कहा कि केद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए मौद्रिक उपाए जारी रखेगा, ताकि मजबूत और स्थाई वृद्धि हासिल की जा सके। दास ने कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा कि मुद्रास्फीति देश के आर्थिक संस्थानों में जनता के विश्वास का एक मापक है। गवर्नर ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, इस समय आपूर्ति का परिदृश्य अनुकूल दिखाई दे रहा है और कई उच्च आवृत्ति संकेतक 2022-23 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सुधार के लचीलेपन की ओर इशारा कर रहे हैं।

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इसलिए, मौद्रिक नीति को मुद्रास्फीति को स्थिर करने के लिए समय पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि अर्थव्यवस्था को मजबूत स्थिति में और सतत वृद्धि की राह पर कायम रखा जा सके।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘हम व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और उसे बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ अपनी नीतियों की समीक्षा जारी रखेंगे।’’ दास ने उल्लेख किया कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने अपनी अप्रैल और जून की बैठकों में 2022-23 के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान को संशोधित कर 6.7 प्रतिशत कर दिया।

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