By Ankit Jaiswal | Jul 23, 2026
देश की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस अवधि में लाभ और आय दोनों में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है। हालांकि पूरे वित्त वर्ष के लिए आय वृद्धि के अनुमान के ऊपरी स्तर को कम कर दिया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक बाजार में मांग अभी भी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है।
बता दें कि कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्थिर मुद्रा के आधार पर आय वृद्धि का अनुमान 1.5 प्रतिशत से 3 प्रतिशत के बीच रखा है। पहले इसके ऊपरी स्तर को अधिक माना जा रहा था, लेकिन वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ग्राहकों की धीमी निवेश रणनीति को देखते हुए इसमें संशोधन किया गया है। वहीं परिचालन लाभ मार्जिन का अनुमान 20 से 22 प्रतिशत के बीच बरकरार रखा गया है।
गौरतलब है कि कंपनी का परिचालन लाभ बढ़कर 10,163 करोड़ रुपये हो गया, जबकि परिचालन लाभ मार्जिन 21.1 प्रतिशत रहा। कंपनी ने बताया कि पहली तिमाही में एआई आधारित सेवाओं से कुल आय का 8.2 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ। इसके अलावा बड़े कारोबारी समझौतों का कुल मूल्य 3.6 अरब डॉलर रहा, जिसमें 61 प्रतिशत नए कारोबार शामिल रहे हैं।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक सलील पारेख ने कहा कि एआई से जुड़े समाधान अब सीधे कारोबार में योगदान दे रहे हैं। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में कंपनी की रणनीति ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने के साथ बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने में मदद कर रही है।
वहीं मुख्य वित्त अधिकारी जयेश संघराजका ने कहा कि चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बावजूद कंपनी ने बेहतर लाभ और मजबूत नकदी प्रवाह बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एआई, नई तकनीक, कर्मचारियों के कौशल विकास और डिजिटल मंचों में निवेश बढ़ाया जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, वित्तीय सेवाएं कंपनी का सबसे बड़ा कारोबार क्षेत्र बना हुआ है, जिससे कुल आय का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा आया। जीवन विज्ञान क्षेत्र में सबसे अधिक 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि खुदरा कारोबार में हल्की गिरावट देखने को मिली।
कंपनी के कर्मचारियों की कुल संख्या जून के अंत तक 3,28,062 रही। साथ ही इन्फोसिस ने घोषणा की कि वर्तमान में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी आशीष कुमार दाश एक अप्रैल 2027 से सलील पारेख की जगह नए प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद संभालेंगे, बशर्ते सभी आवश्यक मंजूरियां समय पर मिल जाएं।