By अभिनय आकाश | May 04, 2026
अक्टूबर 2021 तमिलनाडु में निकाय चुनाव होने वाले थे और खबर आती है कि एक सुपरस्टार का फैन क्लब चुनावी मैदान में पहली बार उतरेगा। फैन क्लब का नाम विजय मक्कल यक्कम वीएमआई। वीएमआई नाम के इस फैन क्लब को साल 2009 में बनाया था एक्टर विजय ने। जिन्हें उनके चाहने वाले कहते हैं विजय थलपति। थलपति जिसका शाब्दिक अर्थ है कमांडर या सेनापति। यही विजय अब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में एक बड़े पॉलिटिकल कमांडर बनकर उभरे हैं। विजय की टी वीके ने सीएम स्टालिन की डीएमके का खेल पूरी तरह से तमिलनाडु में बिगाड़ दिया है। रुझानों में तमिलनाडु की सत्ता से सीएम स्टालिन आउट होते हुए इस वक्त नजर आ रहे हैं। एक्टर विजय बनेंगे तमिलनाडु के किंग यह अभी पिक्चर बनती हुई इस समय नजर आ रही है। तो आइए 234 सीटों के रण में कैसे विजय की आंधी ने बदला पूरा समीकरण यह जानते हैं। कैसे आखिर एक्टर विजय ने अपनी रैलियों में लोगों से ऐसा क्या कहा कि जनता ने उन्हें खुलकर वोट दिया। एक्टर विजय के वो सात धुआंधार वादे कौन से हैं जिन्होंने तमिलनाडु चुनाव में कराया उनकी पार्टी टीवी का दमदार डेब्यू। सिल्वर स्क्रीन से सियासी चौसार का एक्टर विजय का सफर आखिरकार कैसा है। थलापति विजय कितने करोड़ों के मालिक हैं?
बता दें कि तमिलनाडु की 234 सीटों पर मतगणना जारी है और रुझानों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। टीवी पहली बार चुनाव लड़कर ही 80 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाती हुई इस वक्त नजर आ रही है। वहीं बता दें कि डीएमके और एआईएडीएम के जैसे दिग्गज पार्टी इस समय पीछे छूटती हुई नजर आ रही है। यानी मुकाबला सिर्फ चुनाव नहीं सिस्टम बनाम नया चेहरा बन गया है इस वक्त तमिलनाडु में और यह पूरा खेल बदला है सिर्फ एक चेहरे ने जोसेफ विजय चंद्रशेखर यानी कि फैंस के लिए विजय थलापति 60 से ज्यादा फिल्में सुपरस्टार इमेज और करोड़ों की फैन फॉलोइंग तमिल सिनेमा में उनकी फिल्म रिलीज मतलब कोई त्यौहार से यह कम नहीं होता और अब वही स्टारडम वोट में बदलता हुआ तमिलनाडु में नजर आ रहा थलापति विजय की कुल संपत्ति की बात करें तो लगभग जो डाटा है जो रिपोर्ट्स है उसके मुताबिक 400 से 450 करोड़ आकी जाती है। फिल्म ब्रांड एंडोर्समेंट और प्रॉपर्टी हर जगह उनकी पकड़ मजबूत है। साल 2024 में बता दें कि विजय ने अपनी पार्टी को लॉन्च किया और उनकी पार्टी का नाम टीवी के दिया। लेकिन इसकी नींव उन्होंने पहले ही रख दी थी अपने फैन क्लब विजय मक्कल इयकम के जरिए। रैलियां, सोशल वर्क और सीधा कनेक्शन यानी एंट्री इनकी अचानक नहीं हुई। सोची समझी रणनीति के तहत इन्होंने तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल ला दिया। विजय के भाषण ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बने। उन्होंने अपना भाषण दिया था कि मैं सुपरस्टार नहीं आपके घर का बेटा हूं। मैं शराब नहीं रोजगार देना चाहता हूं। हर इंसान जन्म से समान है। थिरुकुरल की लाइन पिरपुकम इल्ला उई कुर्रम यानीसब बराबर है। इस लाइन ने विजय को हर वर्ग से जोड़ दिया।
27 अक्टूबर 2024 में विक्रम मंडी में उनकी पहली रैली होती है। लाखों की संख्या में लोग वहां मौजूद थे। लाल और पीली धारियों वाले झंडों से पूरा मैदान चमक रहा था। इन सबके बीच कड़ी धूप में धीमी दौड़ लगाते हुए विजय सभा में दाखिल होते हैं। लोगों का जोश अगले दिन के देश भर के अखबारों में छपने वाला था। उस मंच से विजय ने अपनी विचारधारा भी साफ कर दी थी। सेकुलर सोशल जस्टिस उन्होंने अपने गुरुओं के तौर पर पेरियार, के कामराज, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वेलू नचियार और अंजलि अंबाल की तस्वीरें लगाई। यह एक बहुत ही सधा हुआ पॉलिटिकल स्टैंड है। पेरियार का नाम लेकर उन्होंने द्रविड़ विचारधारा डीएमके और एआईए डीएमके के वोट बैंक को साधा। कामराज के जरिए कांग्रेस के पुराने समर्थकों को और अंबेडकर के जरिए दलित समाज को वेलू नचियार और अंजलि अंबाल के जरिए तमिल राष्ट्रवाद और लैंगिक न्याय को विजय ने साधने की कोशिश की।
पहला वादा महिलाओं को ₹2500 महीना। साल में छह फ्री एलपीजी सिलेंडर। शादी के लिए 8 ग्राम सोना, छात्रों को ₹15,000 सालाना, महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, किसानों के कर्ज की माफी। सीधे जनता की जेब और जरूरत से जुड़ी स्कीम्स टीवी ने अपने वादों में रखी जो इस समय गेम चेंजर भी साबित होती हुई नजर आ रही है। फिलहाल के रुझानों से। विजय को लोगों ने क्यों चुना आप उसे भी समझ लीजिए। स्टार पावर इज इक्वल्स टू वोट बैंक। युवाओं का सपोर्ट मिला। पुरानी पार्टियों से लोगों को भारी नाराजगी है। नया विकल्प बनकर विजय तमिलनाडु में आए और सबसे ज्यादा जो विजय की लाइन थी जो फेमस हुई वो था बेटा। बेटा वाली इमोशनल कनेक्ट ने यहां पर पूरे खेल को एक नया मोड़ ही दे दिया। वहीं बता दें कि तमिलनाडु में 50 साल से डीएमके और एआईएडीएमके का खेल चलता रहा था। लेकिन अब तस्वीर बदलती हुई नजर आ रही है। अगर यह रुझान नतीजों में बदले तो यह सिर्फ जीत नहीं दशकों बाद राजनीतिक परिवर्तन तमिलनाडु में होगा।