By टीम प्रभासाक्षी | Mar 11, 2022
बदायूं जिले की शेखुपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी उम्मीदवार हिमांशु यादव ने जीत दर्ज की है। उन्होंने इस चुनावी समर में भाजपा उम्मीदवार धर्मेंद्र सिंह शाक्य को माता दी। हिमांशु यादव ने शाक्य को 5661 वोटों से पराजित किया है। हिमांशु यादव अभी सिर्फ 24 साल के हैं। हिमांशु यादव इंटर पास हैं। उनके पिता इसी सीट से 2012 में विधायक बने थे। वहीं उनके बाबा बनवारी लाल यादव भी पूर्व में विधायक और मंत्री रह चुके हैं।
बनवारी सिंह यादव ने यहां साल 2012 में अपने पुत्र आशीष यादव को विधायक बनवाया था। जबकि 2017 में यहां से भगवान सिंह शाक्य की बेटे धर्मेंद्र सिंह शाक्य ने जीत हासिल की थी। बीजेपी से इस बार भी धर्मेंद्र शाक्य यहां से चुनावी ताल ठोक रहे थे, दूसरी और आशीष यादव ने इस बार अपने पुत्र हिमांशु यादव को चुनावी समर में उतारा था। मौर्य शाक्य यादव और मुस्लिम मतदाताओं की बहुलता के बीच लड़ाई तो बहुत करीबी रही, लेकिन हिमांशु यादव ने चुनाव जीतकर अपने बाबा और पिता से मिली सियासी विरासत को सहेजने के लिए अपनी पारी की शुरुआत कर दी है। बहुजन समाज पार्टी ने यहां से पूर्व विधायक मुस्लिम खा को मैदान में उतारा था। बीजेपी को उम्मीद थी कि मुस्लिम वोटों का बंटवारा हो जाएगा और वह जीत जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सपा से फूफा भतीजे की जोड़ी ने जीता चुनाव
जिले की सहवासन सीट से सपा के बृजेश यादव और शेखुपुर से हिमांशु यादव रिश्ते में फूफा भतीजे हैं। इन्होंने एक ही पार्टी से जीत हासिल की है। बृजेश यादव क्षेत्र के निवर्तमान विधायक ओंकार सिंह यादव के पुत्र हैं, जो कि मंत्री रहे स्वर्गीय बनवारी सिंह यादव के दामाद हैं। बृजेश यादव के साले आशीष यादव जो कि उस क्षेत्र के पूर्व विधायक रहे हैं। शेखूपुर से जीते सपा के हिमांशु यादव आशीष यादव के पुत्र हैं। इस तरह इस चुनाव में फूफा और भतीजे की जीत की चर्चा में है।