Investors की मुनाफावसूली से बाजार में हड़कंप, All Time High से 700 अंक नीचे फिसला Sensex

By Ankit Jaiswal | Jun 25, 2026

भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र से पहले निवेशकों का रुख कुछ सतर्क दिखाई दिया। दिन की शुरुआत मजबूत रही और प्रमुख सूचकांकों ने अच्छी बढ़त दर्ज की, लेकिन कारोबार के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली बढ़ने से बाजार अपनी ऊंचाई से नीचे आ गया। दिन के दौरान सेंसेक्स लगभग 700 अंक तक फिसल गया, जबकि निफ्टी भी महत्वपूर्ण स्तरों से नीचे आ गया।

बता दें कि पिछले दो कारोबारी सत्रों में बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स ने दो दिनों में लगभग 1,700 अंकों की छलांग लगाई थी, जबकि निफ्टी में करीब दो प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई थी। इसी वजह से ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफा सुरक्षित करना बेहतर समझा और बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में हालिया नरमी का असर ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों पर भी देखने को मिला। तेल की कीमतें युद्ध पूर्व स्तरों के आसपास पहुंचने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल और गैस कंपनियों में कमजोरी बढ़ी है। तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम यानी ओएनजीसी के शेयरों में करीब दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह प्रमुख सूचकांक के सबसे कमजोर शेयरों में शामिल रहा है। इसी तरह ऑयल इंडिया के शेयरों में भी लगभग दो प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

ऊर्जा क्षेत्र की अन्य प्रमुख कंपनियां जैसे कोल इंडिया और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के शेयरों में भी करीब दो प्रतिशत तक की कमजोरी दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर इस क्षेत्र की कंपनियों के मूल्यांकन पर पड़ता है।

गौरतलब है कि धातु क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला। धातु क्षेत्र सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक टूट गया और यह दिन का सबसे कमजोर क्षेत्रीय सूचकांक रहा है। हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में कंपनी के शेयर करीब नौ प्रतिशत तक कमजोर हो चुके हैं।

इसके अलावा नेशनल एल्युमिनियम कंपनी और वेदांता के शेयरों में भी लगभग तीन प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी और एल्युमिनियम की कीमतों में गिरावट तथा अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंकाओं ने धातु क्षेत्र पर दबाव बनाया है।

तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि आगे की तेजी के लिए निफ्टी को 24,200 से ऊपर मजबूत बंद होना जरूरी होगा। विशेषज्ञों के अनुसार 24,190 का स्तर निकटतम बाधा बना हुआ है, जबकि 23,800 के आसपास मजबूत सहारा मौजूद है। जब तक निफ्टी इस सहारा क्षेत्र के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार की व्यापक तस्वीर सकारात्मक मानी जा सकती है।

हालांकि दिन के अंत में बाजार दबाव में रहा, लेकिन साप्ताहिक आधार पर तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं रही। सप्ताह के दौरान निफ्टी में लगभग 0.2 प्रतिशत और सेंसेक्स में करीब 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर बनी हुई हैं।

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