By अंकित सिंह | Aug 20, 2019
नयी दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धनशोधन मामलों में कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति सुनील गौर ने मामले पर अपना फैसला सुनाया। उन्होंने 25 जनवरी को इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। चिदंबरम ने HC से तीन दिनों की मोहलत मांगी है।
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प्रवर्तन निदेशालय ने दलील दी कि जिन कंपनियों में धनराशि हस्तांतरित की गई वे सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर चिदंबरम के पुत्र कार्ति द्वारा नियंत्रित हैं और उनके पास यह मानने का एक कारण है कि आईएनक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) मंजूरी उनके पुत्र के हस्तक्षेप पर प्रदान की गई। उच्च न्यायालय ने 25 जुलाई 2018 को चिदंबरम को दोनों ही मामलों में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था जिसे समय समय पर बढ़ाया गया।