उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे टॉप क्लास खिलाड़ी, T20 विश्व कप से पहले फॉर्म में लौटना जरूरी, ऐसा रहा है IPL में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन

By अनुराग गुप्ता | May 30, 2022

नयी दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 15वां सत्र समाप्त हो चुका है। इस सत्र में दो नई टीमों (गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जाइंट्स) ने हिस्सा लिया था और पहली बार टूर्नामेंट खेल रही टीम गुजरात टाइटंस ने आईपीएल की ट्रॉफी उठाई। इसी के साथ ही गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या की जमकर तारीफ हो रही है। उन्होंने पूरे सत्र में न सिर्फ बल्ले से बल्कि गेंद से भी शानदार प्रदर्शन किया है और तो और राजस्थान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उन्होंने 3 विकेट चटकाए। साथ ही 34 रनों की पारी खेली। जिसके लिए उन्हें मैच का हीरो चुना गया। लेकिन आज हम बात गुजरात टाइटंस की नहीं करने वाले हैं बल्कि बात होगी मौजूदा सत्र में फ्लॉप रहे बड़े खिलाड़ियों की। जिस पर आने वाले समय में महत्वपूर्ण सीरीजों में शानदार प्रदर्शन करने का दबाव है। 

मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा के लिए आईपीएल का 15वां सत्र निराशाजनक रहा है। 5 बार मुंबई इंडियंस को आईपीएल का खिताब जिताने वाले रोहित शर्मा का बल्ला इस सत्र में खामोश रहा और उनके बल्ले से एक भी फिफ्टी नहीं निकली है। उन्होंने 14 मुकाबलों में 19 के औसत से 268 रन बनाए। जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 48 रनों का रहा है। रोहित की खराब फॉर्म का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा है। हालांकि रोहित शर्मा के फॉर्म को लेकर चिंता बढ़ गई है क्योंकि इस साल के आखिर में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप खेलना है।

विराट कोहली

रन मशीन कहे जाने वाले विराट कोहली की मशीन में जंग लग गया है। जिसकी वजह से टीम दूसरे क्वालिफायर मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हार गई। न सिर्फ क्वालिफायर मुकाबले में बल्कि कई मुकाबलों में विराट कोहली का प्रदर्शन ऐसा ही नहीं। उन्होंने 16 मुकाबलों में 22 के औसत से 341 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 2 अर्धशतकीय पारियां भी खेलीं। जिसको देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि विराट कोहली का फॉर्म वापस लौट आया है लेकिन उनका फॉर्म में लौटना 'मुंगेरीलाल के हसीन सपनों' जैसा था। इस सत्र में विराट कोहली 3 बार गोल्डन डक आउट हुए है। ऐसे में अगर विराट कोहली जल्द ही फॉर्म में नहीं लौटे तो टी20 विश्व कप में भारतीय टीम के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

ऋषभ पंत

दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत का साधारण प्रदर्शन देखने को मिला। इस सत्र में ऋषभ पंत की न तो रणनीति काम आई और न ही उन्होंने टीम के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। इसके अलावा राजस्थान के खिलाफ मुकाबले को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया था, जब उन्होंने नो बॉल को लेकर खिलाड़ियों को वापस बुलाने का इशारा किया था। इसके अलावा दिल्ली के करो या मरो मुकाबले में ऋषभ पंत काफी ज्यादा दबाव में दिखाई दिए और मुंबई के खिलाफ दिल्ली मुकाबला गंवा बैठी। ऋषभ पंत ने 14 मुकाबलों में 30 के औसत से 340 रन बनाए। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 44 रनों का रहा और वो भी एक भी अर्धशतक नहीं जड़ पाए। हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में ऋषभ पंत को उपकप्तान बनाया गया है। 

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रवींद्र जडेजा

रवींद्र जडेजा के लिए यह सत्र सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव भरा रहा। सत्र की शुरुआत के 2-3 दिन पहले रवींद्र जडेजा को अचानक चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी सौंप दी गई। इसके बाद खराब प्रदर्शन के चलते उनसे कप्तानी बीच में ही छीन ली गई और वापस से महेंद्र सिंह धोनी को टीम की कमान सौंप दी गई। रवींद्र जडेजा ने 10 मुकाबलों में 19 के औसत से 116 रन बनाए और 5 विकेट चटकाए। आपको बता दें कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ मुकाबले में फील्डिंग करते समय रवींद्र जडेजा चोटिल हो गए थे और इस मुकाबले में टीम को करारी हार का भी सामना करना पड़ा था। इसके बाद चेन्नई ने दिल्ली के खिलाफ मुकाबला खेला था, जिसमें बड़ी जीत दर्ज की थी लेकिन इस मुकाबले में रवींद्र जडेजा ग्यारह सदस्यीय टीम का हिस्सा नहीं थे और फिर वो मौजूदा सत्र से बाहर हो गए थे।

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