बीच समुंदर 16 भारतीयों को उठा ले गया ईरान, PM मोदी को लिखी गई चिट्ठी

By अभिनय आकाश | Jan 17, 2026

8 दिसंबर सुबह सब कुछ सामान्य था। दोपहर 3:00 बजे एक फोन कॉल आया और उसके बाद 18 परिवारों की जिंदगी रुक गई। फोन पर एक महिला ने अपने पति की आवाज सुनी। उन्होंने कहा नेवी हमारा पीछा कर रही है। गोलियां चल रही है। इसके बाद फोन कट गया और फिर डेढ़ महीने तक सन्नाटा। यह कहानी है टैंकर वैलियंट रूट की और कहानी है 16 भारतीय नाविकों की जो आज भी ईरान की हिरासत में बंद है।  दरअसल 8 दिसंबर 2025 को दुबई बेस्ड कंपनी ग्लोरी इंटरनेशनल  एलएलसी का टैंकर वैलिंट रोड ओमान की खाड़ी में था। टैंकर पर कुल 18 लोग सवार थे। 16 भारतीय एक बांग्लादेशी और एक श्रीलंकाई। दोपहर करीब 3:00 बजे नाविकों ने अपने परिवारों को फोन पर बताया कि ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड यानी आईआरजीसी की नेवी उनके जहाज का पीछा कर रही है। 

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कैप्टन विनोद परमार के भाई के मुताबिक जहाज पर गोलियां चलाई गई कुछ नाविक घायल हुए सभी 18 लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया गया सिर्फ बाथरूम जाने की इजाजत वह भी बंदूक की नोक पर मोबाइल लैपटॉप सभी सामान जब्त खाने के नाम पर सिर्फ थोड़ा सा राशन और सिर्फ पानी दिया गया। यानी साफ शब्दों में मानवाधिकारों का उल्लंघन। टैंकर पर एक और इंजीनियर थे केतन मेहता लेकिन उनका कोई अता-पता नहीं। उनकी बहन शिवानी मेहता कहती हैं, हमें बस इतना पता है कि अब वह जहाज में नहीं है। ईरानी अधिकारियों ने उन्हें पकड़ लिया है। मेरी मां दिल की मरीज हैं और आईसीयू में है। अब ईरान का आरोप है कि टैंकर 6 मिलियन लीटर डीजल की स्मगलिंग कर रहा था।

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