By एकता | Nov 01, 2026
ईरान और ब्रिटेन के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने ब्रिटेन की रॉयल नेवी, रॉयल एयर फोर्स और उसकी विदेशी खुफिया एजेंसी एमआई6 के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। ईरान ने ब्रिटेन की सेना को आतंकवादी संगठन और उसकी खुफिया एजेंसी एमआई6 को शत्रुतापूर्ण समूह घोषित किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को इस फैसले का एलान किया। इसके बाद ब्रिटेन का सैन्य और खुफिया तंत्र ईरान के सुरक्षा कानूनों के दायरे में आ गया है।
ईरान की यह जवाबी कार्रवाई ब्रिटेन के जुलाई में लिए गए एक फैसले के बाद आई है। ब्रिटेन ने तब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को अपने राज्य खतरा कानून के दायरे में शामिल किया था। ईरान ने इस कदम को अपने खिलाफ शत्रुतापूर्ण कार्रवाई बताया था।
अपने फैसले का बचाव करते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम पारस्परिकता के सिद्धांत और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उठाया गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस फैसले के जो भी नतीजे होंगे, उनकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर ब्रिटिश सरकार की होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ सकता है। इसकी एक वजह यह है कि ईरान ने अपनी कार्रवाई का दायरा ब्रिटेन की सेना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसकी विदेशी खुफिया एजेंसी को भी इसमें शामिल किया है।
एमआई6 को सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस यानी एसआईएस के नाम से भी जाना जाता है। यह ब्रिटेन की विदेशी खुफिया एजेंसी है। इसका मुख्य काम विदेशों से जुड़ी खुफिया जानकारियां जुटाना, आतंकवादी नेटवर्क और जासूसी गतिविधियों पर नजर रखना और राष्ट्रीय सुरक्षा के संभावित खतरों की पहचान करना है। यह एजेंसी ऐसी जानकारियां ब्रिटिश सरकार तक पहुंचाती है।